बिलासपुर स्टेशन में भ्रमित हो रहे यात्री, चलती ट्रेन में उतरते समय हो रही दुर्घटना
टोकने के लिए सुरक्षा अमला तैनात नहीं रहता। बिलासपुर जोन मुख्यालय का रेलवे स्टेशन हैं। लेकिन, इसके चारों तरफ सुरक्षा का भारी अभाव है। सुरक्षा अमला न तो गेट पर नजर आता है और न प्लेटफार्म पर तैनातगी रहती है। इस कमी के कारण कहीं न कहीं स्टेशन में अव्यवस्था फैल गई।
By Shiv Soni
Publish Date: Mon, 17 Jun 2024 12:01:41 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 17 Jun 2024 12:01:41 AM (IST)

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। ट्रेनों के परिचालन की स्थिति अभी सही नहीं है। रद व उद्घोषणा सुविधा ठीक ढंग से नहीं होने के कारण यात्री भ्रमित हो रहे हैं। इन्हीं भ्रम के कारण यात्री दूसरी-दूसरी ट्रेन में चढ़ जा रहे हैं। एकाएक पता चलने पर यात्री चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। दो दिन में जोनल स्टेशन में तीन घटनाएं हुईं। सबसे विडंबना की बात यह है कि यात्री चलती ट्रेन में उतर रहे हैं। लेकिन, स्टेशन में उन्हें रोकने या टोकने के लिए सुरक्षा अमला तैनात नहीं रहता।
बिलासपुर जोन मुख्यालय का रेलवे स्टेशन हैं। लेकिन, इसके चारों तरफ सुरक्षा का भारी अभाव है। सुरक्षा अमला न तो गेट पर नजर आता है और न प्लेटफार्म पर तैनातगी रहती है। इस कमी के कारण कहीं न कहीं स्टेशन में अव्यवस्था फैल गई। दरअसल अभी अलग-अलग कार्यों के चलते रेलवे ने थोक में ट्रेनें रद कर दी हैं, जो चल रही हैं उनमें पैर रखने की जगह नहीं है। जनरल कोच की हालत तो यह है कि यात्रियों को गेट पर लटककर यात्रा करनी पड़ रही है। लेकिन, उन्हें मना करने वाला कोई नहीं है। यात्री प्रतीक्षालय से टिकट काउंटर सभी जगहों पर यात्रियों की भीड़ नजर आ रही है।
पहली घटना शुक्रवार को सामने आई। बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-6 से एक बुजुर्ग यात्री चलती ट्रेन में चढ़ते समय बाल – बाल बच गया। यात्रियों की तत्परता के कारण ट्रेन रोकी गई और बुजुर्ग यात्री को बड़ी दुर्घटना से बचा लिया। इस यात्री को बिलासपुर से चांपा जाना था। इस घटना के समय प्लेटफार्म पर आरपीएफ व जीआरपी दोनों के जवान तैनात नहीं थे। प्लेटफार्म ड्यूटी इसीलिए लगाई जाती है, ताकि कोई यात्री चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने का प्रयास न करें।
केस-2
शुक्रवार को ही बिलासपुर-रायगढ़ लोकल ट्रेन में एक यात्री की जान बच गई। वह यात्री चलती ट्रेन में उतरने का प्रयास कर रहा था। दरअसल यात्री इस ट्रेन को कोरबा जाने वाली ट्रेन मानकर चढ़ा था। जब ट्रेन रवाना हुई तो सहयात्रियों से पता चला कि यह कोरबा नहीं रायगढ़ जाएगी, तब वह उतरने का प्रयास करने लगा। दोपहर की इस घटना में यात्री बाल-बाल बच गया। यात्री कोरबा निवासी दिनेश प्रताप थे।
केस-3
तीसरी घटना शनिवार को उत्कल एक्सप्रेस में सामने आई। एक यात्री ट्रेन के रवाना होते समय चढ़ने का प्रयास कर रहा था। इसमें उसका शरीर अनियंत्रित हुआ और वह नीचे गिर गया। इस समय भी प्लेटफार्म ड्यूटी पर सुरक्षा अमला नहीं था। यात्रियों की तत्परता के कारण उसकी जान बची। जोन मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में इस असुरक्षा का माहौल है। इसके बाद भी प्रशासन को व्यवस्था सुधारने की फुर्सत नहीं है।

