NEET Rip-off: मप्र हाई कोर्ट में नीट परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई जुलाई तक टली, अनियमितता का आरोप

नीट-यूजी के परिणाम को चुनौती देने वाले मामले में सुनवाई जुलाई के प्रथम सप्ताह तक टल गई है। याचिकाकर्ताओं ने भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया है।एनटीए के रिजल्ट को कठघरे में रखा है।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 01:07:09 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 01:07:09 AM (IST)

कठघरे में एनटीए का रिजल्ट

HighLights

  1. मप्र हाई कोर्ट में नीट परीक्षा को चुनौती
  2. दो विद्यार्थियों ने दायर की हैं याचिकाएं
  3. विद्यार्थियों ने लगाया है भाई-भतीजावाद का आरोप

ईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर : मप्र हाई कोर्ट में नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट फार यूजी यानी नीट-यूजी के परिणाम को चुनौती देने वाले मामले में सुनवाई जुलाई के प्रथम सप्ताह तक टल गई है। न्यायमूर्ति अमरनाथ केशरवानी व न्यायमूर्ति वीरेन्द्र द्विवेदी की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को की। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होने के आधार पर फिलहाल हस्तक्षेप से मना कर दिया।

भाई-भतीजावाद का आरोप

याचिकाकर्ताओं ने भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया है। भोपाल व जबलपुर निवासी छात्राओं की ओर से दायर मामले में नीट-यूजी परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के रिजल्ट को कठघरे में रखा है। टाप-13 अभ्यर्थियों के रोल नंबर आसपास होने को लेकर सवाल खड़ा किया है। आरोप लगाया गया है कि एक कोचिंग सेंटर के आठ छात्रों के नाम व रोल नंबर एक समान हैं। इतना ही नहीं, उक्त सभी छात्रों को परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक मिले हैं। लिहाजा, भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार के आरोप की जांच होनी चाहिए।

नीट परीक्षा रद करने की मांग

जबलपुर निवासी अमीषी वर्मा के अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में याचिका पर सुनवाई होगी। दरअसल, अमीषी को 720 में से 615 अंक प्राप्त हुए थे। उन्हें व्यक्तिगत व विशेषज्ञों की गणना के अनुसार अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने नीट परीक्षा की उच्च स्तरीय जांच, नीट परीक्षा रद करने और रिकॉर्ड सीज करने की मांग की है। वहीं दूसरे याचिकाकर्ता भोपाल निवासी निशिता सोनी की ओर से अधिवक्ता ब्रजेन्द्र मिश्रा ने पैरवी की।