कूनो नेशनल पार्क की हद लांघकर ग्वालियर की सीमा में आई मादा चीता वीरा की गुरूवार को कूनो वापसी हो गई। उसे कूनो व वन विभाग की टीम ने ट्रेंक्युलाइज कर लिया और कूनो ले गए। मादा चीता की लोकेशन ग्वालियर जिले के पनिहार में आने वाले पवा-पाठा क्षेत्र में थी जहां से उसे पकड़ा गया।मई के पहले सप्ताह में मादा चीता वीरा कूनो नेशनल पार्क की सीमा को लांघगईथी।
By Varun Sharma
Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 12:11:15 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 14 Jun 2024 12:11:15 PM (IST)
HighLights
- पनिहार के पवा-पाठा क्षेत्र से गुरूवार शाम कूनो व ग्वालियर वन विभाग टीम ने किया ट्रेंक्युलाइज
- कूनो नेशनल पार्क की हद लांघकर ग्वालियर की सीमा में आई मादा चीता
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर: कूनो नेशनल पार्क की हद लांघकर ग्वालियर की सीमा में आई मादा चीता वीरा की गुरूवार को कूनो वापसी हो गई। उसे कूनो व वन विभाग की टीम ने ट्रेंक्युलाइज कर लिया और कूनो ले गए। मादा चीता की लोकेशन ग्वालियर जिले के पनिहार में आने वाले पवा-पाठा क्षेत्र में थी जहां से उसे पकड़ा गया। आगामी समय में मानसून को देखते हुए कूनो की टीम ने मादा चीता को ट्रेंक्युलाइज किया जिससे वह कूनो के जंगलों में ही रहे। वर्षा के कारण समस्या आ सकती है।
बता दें कि मई के पहले सप्ताह में मादा चीता वीरा कूनो नेशनल पार्क की सीमा को लांघ गई थी जो पहले मुरैना जिले में पहुंची और यहां से ग्वालियर जिले में आ गई। ग्वालियर में आने वाले भंवरपुरा में उसने बकरियों का शिकार किया जिसके बाद ग्रामीण भी दहशत में आ गए थे। इसके बाद से लगातार कूनो व ग्वालियर वन विभाग की टीमें चीता पर नजर बनाए हुए थे और ग्रामीणों को भी चीतों को नुकसान न पहुंचाने को लेकर जागरूक किया जा रहा था। ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में मादा चीता सबसे ज्यादा रही और उसे यहां शिकार भी पर्याप्त मात्रा में मिलता रहा इसी कारण वह वापस भी नहीं जा रही थी।




.jpg)
