पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन के बाद मदद के लिए आगे आया भारत, 19 टन राहत सामग्री भेजी, 1 मिलियन डॉलर की देगा सहायता

पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में आए भूस्खलन के बाद भारत ने 1 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की थी। इसी के चलते भारत की ओर से 19 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी गई है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Thu, 13 Jun 2024 09:59:16 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 13 Jun 2024 09:59:16 AM (IST)

पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन के बाद मदद के लिए आगे आया भारत, 19 टन राहत सामग्री भेजी, 1 मिलियन डॉलर की देगा सहायता
भारत ने पापुआ न्यू गिनी को भेजी राहत सामग्री

HighLights

  1. पापुआ न्यू गिनी की मदद करेगा भारत
  2. मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी
  3. दवाइयां, साफ पानी सहित अन्य उपकरण शामिल

Papua New Guinea एजेंसी, नई दिल्‍ली। पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में विनाशकारी भूस्खलन के बाद भारत मदद के लिए आगे आया है। जिसके चलते पापुआ न्यू गिनी में 13 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में विनाशकारी भूस्खलन के मद्देनजर, भारत ने करीबी एफआईपीआईसी भागीदार को 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तत्काल सहायता की घोषणा की थी। जिसके तहत लगभग 19 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री (HDR) आपूर्ति लेकर एक विमान पापुआ न्यू गिनी के लिए रवाना हुआ है।

समाचार एजेंसी की मानें तो सहायता में 13 टन आपदा राहत सामग्री शामिल हैं। जिसमें अस्थायी आश्रय, पानी के टैंक, स्वच्छता किट और खाने के लिए तैयार भोजन और 6 टन आपातकालीन उपयोग की दवाएं, चिकित्सा शामिल हैं डेंगू और मलेरिया डायग्नोस्टिक किट, शिशु आहार आदि सहित उपकरण हैं।

Ministry of Exterior Affairs tweets, “Standing collectively in occasions of issue. Within the wake of devastating landslide within the Enga province of Papua New Guinea, India had introduced a right away help of USD 1 million to our shut FIPIC accomplice. Pursuant to the announcement, a… pic.twitter.com/jpQ6EGuTUB

— ANI (@ANI) June 13, 2024

24 मई को हुए भूस्खलन

गौरतलब है कि 24 मई को पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में भारी भूस्खलन हुआ था। इस दौरान बड़ी तबाही हुई, साथ ही सैकड़ों लोग भी। पापुआ न्यू गिनी की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूस्खलन में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है।