MP Tourism: पन्ना में डायमंड और लम्हेटाघाट में बनेगा जियोलाजिकल म्यूजियम, डायनासोर की प्रतिकृति भी होगी
हीरा उत्पादक जिला पन्ना में डायमंड म्यूजियम और लम्हेटा-भेड़ाघाट के बीच 12 हेक्टेयर भूखंड में जियो पार्क का निर्माण केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा। यहां 5डी फिल्मों के साथ लोग भू-संस्कृति से लेकर अंतरिक्ष के रोमांचक रहस्य जान सकेंगे।
By Neeraj Pandey
Publish Date: Wed, 12 Jun 2024 05:13:51 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 12 Jun 2024 05:13:51 AM (IST)

HighLights
- लम्हेटाघाट में बनेगा जियोलाजिकल म्यूजियम
- पर्यटन विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया
- पन्ना में निकलने वाले हीरे और वहाँ के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करेगा
सुशील पांडेय, नईदुनिया : भोपाल : मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद प्राकृतिक संपदा और ऐतिहासिक महत्व को उभारने का काम मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने संग्रहालयों के माध्यम से शुरू किया है। इसके तहत भोपाल में सिटी और राजा भोज म्यूजियम की घोषणा के बाद हीरा उत्पादक जिला पन्ना में डायमंड म्यूजियम और जीवाश्म के लिए मशहूर लम्हेटाघाट में जियोलाजिकल म्यूजियम या भूगर्भीय संग्रहालय (जियो पार्क) बनाने की योजना बनाई गई है। यह दोनों विश्व स्तर के होंगे। मंजूरी मिलने के बाद दोनों निर्माण कार्य अभी कार्ययोजना के स्तर पर हैं।
मप्र पर्यटन बोर्ड द्वारा जगह चिह्नित कर डिजाइन और डीपीआर बनाई जा रही है। एशिया का इकलौता जियो म्यूजियम डायमंड म्यूजियम पन्ना में निकलने वाले हीरे के साथ वहां के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करेगा। संग्रहालय में दीर्घाएं एक व्यापक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगी।
इसी प्रकार जबलपुर जिले में नर्मदा नदी के किनारे स्थित लम्हेटाघाट (भेड़ाघाट) में प्रस्तावित जियो पार्क में चट्टानों, जीवाश्मों और खनिजों के स्थायी प्रदर्शन के साथ क्षेत्र की भूवैज्ञानिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनियां भूवैज्ञानिक विविधता को उजागर करने के साथ आगंतुकों को राज्य की समृद्ध जीवाश्म संपदा के बारे में शिक्षित करेंगी। उल्लेखनीय है कि लम्हेटाघाट में डायनासोर काल के अंडों की खोज ने इसे ऐतिहासिक गांव बना दिया था।
म्यूजियम में मिलेगी पन्ना की संपूर्ण जानकारी
हीरा उगलने वाली नगरी पन्ना में केंद्रीय खनिज मंत्रालय के सहयोग से बनने जा रहे डायमंड म्यूजियम को स्थापित करने के लिए काम शुरू हो गया है। म्यूजियम बनाने के लिए शहर के प्राचीन तालाब धरमसागर के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र का चुनाव किया है। वहां स्थित 18वीं सदी की इमारत यादवेंद्र भवन में म्यूजियम बनाया जाएगा। हीरे के इतिहास, महत्व, उत्खनन, तराशने, आभूषणों में जड़ने तक की जानकारी के साथ बुंदेलखंड का इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व और मंदिरों की जानकारी एक साथ उपलब्ध कराने के लिए ये म्यूजियम बनाया जा रहा है। विदेशों में जहां भी हीरा मिलता है, उसकी जानकारी भी यहां मिलेगी।यह एशिया महाद्वीप का पहला म्यूजियम होगा।
जियो पार्क में डायनासोर की प्रतिकृति भी होगी
लम्हेटा-भेड़ाघाट के बीच 12 हेक्टेयर भूखंड में जियो पार्क का निर्माण केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा। इसके लिए नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। यहां 5डी फिल्मों के साथ लोग भू-संस्कृति से लेकर अंतरिक्ष के रोमांचक रहस्य जान सकेंगे।संग्रहालय में 3डी माडलिंग, थीमेटिक डिजाइन, इंटरैक्टिव टच टेबल जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। संग्रहालय में बच्चों से लेकर बड़ों तक और जियोलाजिकल स्टडी कर रहे स्कालर्स के लिए भी कई विशेष सेक्शन रहेंगे। संग्रहालय में मप्र के 13 भौगोलिक क्षेत्रों को उनके भौगोलिक-सांस्कृतिक महत्व एवं धरोहर के साथ बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। जियो पार्क में डायनासोर की एक विशाल प्रतिकृति बनाई जाएगी और नेचर वाक की सुविधा भी होगी।

