Bihar Politics: RSS के बहाने BJP पर तेजस्वी यादव का तंज, ‘मुस्लिम’ कार्ड के सहारे साधी सियासत

तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत के बयान के सहारे भाजपा पर तंज कसा है। मोहन भागवत ने मणिपुर पर बयान दिया था। तेजस्वी यादव ने कहा कि मोहन भागवत की चिंता बहुत देर में आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर पर कभी बात ही नहीं करते हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 09:08:46 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 09:08:46 PM (IST)

Bihar Politics: RSS के बहाने BJP पर तेजस्वी यादव का तंज, 'मुस्लिम' कार्ड के सहारे साधी सियासत
तेजस्वी यादव का मोदी सरकार के मंत्रिमंडल पर बयान।

HighLights

  1. मोदी मंत्रिमंडल गठन में मुस्लिमों को नहीं मिली जगह: तेजस्वी
  2. मणिपुर से जुड़े मोहन भागवत के बयान पर तेजस्वी ने किया तंज
  3. बिहार को मिले स्पेशल राज्य का दर्जा- तेजस्वी

डिजिटल डेस्क, इंदौर। राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत के बयान के सहारे भाजपा पर तंज कसा है। दरअसल, मोहन भागवत ने सोमवार को नागपुर में मणिपुर पर कहा था कि वह हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। उस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि मोहन भागवत ने चिंता जाहिर करने में देर कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर पर कभी बात ही नहीं करते हैं।

तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में 72 मंत्री हैं, लेकिन उसमें एक भी मुस्लिम समाज का नहीं है। यह दिखाता है कि भाजपा अल्पसंख्यक समुदाय से नफरत करती है। हमारी सोच समाज को साथ लेकर चलने की है। सभी को बराबर की नजरों से देखना चाहिए। समाज के हर तबके को आगे बढ़ने के मौके देने चाहिए।

आरएसएस प्रमुख के बयान पर कसा तंज

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर में जारी हिंसा पर बयान दिया था। उनके बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि मोहन भागवत ने मणिपुर की चिंता करने में काफी देर कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी मणिपुर को लेकर बात नहीं करते हैं। पीएम मोदी किसानों पर हमले, महिला पहलवानों के शोषण और बेंगलुरु में तीन हजार महिलाओं के शोषण पर भी चुप रहे।

बिहार ने एनडीए को दिए 30 सांसद

तेजस्वी यादव ने मंत्रालय में बंटवारे को लेकर बयान दिया कि बिहार ने एनडीए को 30 सांसद दिए हैं। यह पिछली बार से 9 कम हैं, क्यों कि तब यहां से 39 सांसद हुआ करते थे। उसके बाद भी बिहार को एनडीए की सरकार कुछ खास नहीं दे पाई थी। इस बार बिहार काफी मजबूत स्थिति में है। हमारी मांग है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए।