Shivraj Singh Chouhan की अगुवाई में ही मप्र बना कृषि क्षेत्र में अग्रणी, 7 बार मिला कृषि कर्मण अवार्ड

पंचायत राज संस्थाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण विकास पर फोकस किया। इसे देखते हुए ही उन्हें प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व सौंपा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू करके पहले चार और फिर छह हजार रुपये प्रतिवर्ष देने की व्यवस्था लागू की।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 09:54:43 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 08:43:35 AM (IST)

Shivraj Singh Chouhan की अगुवाई में ही मप्र बना कृषि क्षेत्र में अग्रणी, 7 बार मिला कृषि कर्मण अवार्ड
मोदी मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश से 5 मंत्री बनाए गए हैं।

HighLights

  1. शिवराज को कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व
  2. ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार मंत्रालय की जिम्मेदारी
  3. डा. वीरेंद्र संभालेंगे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सहयोगियों को मंत्रालयों का दायित्व सौंप दिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण के साथ ग्रामीण विकास जैसे बड़े मंत्रालय का जिम्मा सौंपकर भरोसा जताया गया है। उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में ही मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना। सात बार कृषि कर्मण अवार्ड जीता। गेहूं के उपार्जन में देश में पहला स्थान प्राप्त किया। कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचार देश में मिसाल बने और कई राज्यों ने उन्हें अपनाया।

सिंधिया को संचार

उधर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार और डॉ. वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का दायित्व मिला है। मोदी मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश से 5 मंत्री बनाए गए हैं। शिवराज सिंह चौहान को उनके कद के अनुरूप महत्वपूर्ण मंत्रालय का दायित्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही थी। मोदी सरकार की प्राथमिकता में किसान रहे हैं और शिवराज सरकार में कृषि क्षेत्र में कई नवाचार किए गए थे।

मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ी

कृषि विकास दर दहाई में लगातार बनी रही। सिंचाई क्षमता 45 लाख हेक्टेयर हो गई। इसका लाभ उत्पादन में वृद्धि के रूप में किसानों को मिला। जब उपज की कीमतें बाजार में समर्थन मूल्य से कम थीं तो उन्होंने भावांतर जैसी योजना लागू की, जिसमें अंतर की राशि का भुगतान सरकार की ओर से किया गया। समर्थन मूल्य पर उपार्जन की गारंटी किसानों को दी। भू-राजस्व संहिता के प्रविधानों में संशोधन करके आपदा की स्थिति में किसानों को होने वाली क्षतिपूर्ति में कई गुना की वृद्धि की।

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पीएम फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ जैविक और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देना के लिए कदम उठाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू करके पहले चार और फिर छह हजार रुपये प्रतिवर्ष देने की व्यवस्था लागू की। कृषि को उद्यानिकी और पशुपालन से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रयास हुए।

पंचायत राज संस्थाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण विकास पर फोकस किया। इसे देखते हुए ही उन्हें प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व सौंपा है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले मध्य प्रदेश के ही नरेन्द्र सिंह तोमर ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व संभाल चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का दायित्व दिया था। इसके पहले उनके पास नागरिक उड्डयन मंत्रालय था। डॉ. वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को दायित्व दिया है। पहली बार राज्य मंत्री बने दुर्गादास उइके को जनजातीय कार्य और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिया गया है।

किसानों के हर सपने को पूरा करने के लिए परिश्रम करूंगा

कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपने पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सशक्त तथा संपन्न किसान समृद्ध भारत का आधार हैं। सरकार की प्राथमिकता किसान का कल्याण तथा गांवों का उत्थान है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम विकसित भारत के विराट संकल्पों को सिद्ध करेंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। हमारी सरकार देशभर के किसान भाई-बहनों के कल्याण से जुड़े प्रत्येक संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं अपने पूरे सामर्थ्य से किसानों के हर सपने को पूरा करने के लिए परिश्रम करूंगा। देश का प्रत्येक किसान परिवार खुशहाल हो और प्रत्येक गांव तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हो, यही मेरा प्रयत्न रहेगा।