पुलिस की ओर से आबकारी विभाग से उस दौरान अलग-अलग जिलों में पदस्थ रहे अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई थी, जो कि विभाग ने मई में पुलिस को सौंप दी है। अब इन अधिकारियों के बयान लिए जाएंगे।
By Paras Pandey
Edited By: Paras Pandey
Publish Date: Thu, 06 Jun 2024 10:37:09 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 06 Jun 2024 10:37:09 PM (IST)
HighLights
- शराब कंपनी के यहां छापे से मिले दस्तावेजों के आधार पर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने शुरू की जांच
- दर्ज हो सकती है एफआईआ
- पदस्थापना उस दौरान बैतूल में थी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। शराब कंपनी मेसर्स शिवहरे ग्रुप के यहां 10 वर्ष पहले आयकर छापे से मिले दस्तावेजों के आधार पर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने भी जांच शुरू कर दी है। इस जांच की जद में कुछ आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी सहित 25 से अधिक लोग आ रहे हैं।
पुलिस की ओर से आबकारी विभाग से उस दौरान अलग-अलग जिलों में पदस्थ रहे अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई थी, जो कि विभाग ने मई में पुलिस को सौंप दी है। अब इन अधिकारियों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद इनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।
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बता दें कि आयकर विभाग ने शराब कंपनी से जुड़े विभिन्न स्थानों पर यह छापेमारी 10 वर्ष पहले की थी।लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आयकर विभाग से जो दस्तावेज मिले हैं उनमें कुछ अधिकारियों का पूरा नाम भी नहीं लिखा। जिनका पूरा नाम लिखा है तो पदनाम नहीं है। बांगड़े साहब, शर्मा जी, विश्वकर्मा साहब, पाण्डेय साहब लिखा है।
ऐसे में जांच उलझ रही थी। इस कारण इनका पूरा नाम, पदनाम, पदस्थापना स्थल और मोबाइल नंबर मांगे थे। बताया रहा है कि इस तरह के उपनाम वालों की पदस्थापना उस दौरान बैतूल में थी।
आबकारी आयुक्त की भी जानकारी मांगी
विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने 28 फरवरी 2013 से तीन मई 2013 के दौरान आबकारी आयुक्त के पद पर पदस्थ अधिकारी की भी जानकारी मांगी थी। इसके अतिरिक्त अलग-अलग समय डीईओ ग्वालियर, 16 दिसंबर 2015 को राज्य उड़नदस्ता में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी की जानकारी मांगी गई थी।
सभी जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों ने अपने-अपने यहां अलग-अलग समय पदस्थ रहे अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी भेज दी है। पूरे मामले की जांच लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना ग्वालियर द्वारा की जा रही है।



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