दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को दोहरा झटका, न्यायिक हिरासत 19 जून तक बढ़ी, अंतरिम जमानत याचिका हुई खारिज

Excise PMLA Case: राउज एवेन्यू कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगया है। अदालत ने सात दिनों की जमानत की मांग करने वाली अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 04:39:43 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 04:54:37 PM (IST)

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को दोहरा झटका, न्यायिक हिरासत 19 जून तक बढ़ी, अंतरिम जमानत याचिका हुई खारिज
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल।

एएनआई, नई दिल्ली। Excise PMLA Case: राउज एवेन्यू कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगया है। अदालत ने सात दिनों की जमानत की मांग करने वाली अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को सीएम केजरीवाल के लिए सभी जरूरी चिकित्सा परीक्षण करने और उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ी

इस बीच, अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत भी 19 जून तक बढ़ा दी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत के समक्ष वर्चुअल मोड के माध्यम से पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने 2 जून को सरेंडर कर दिया था। अदालत ने 1 जून को सीएम केजरीवाल द्वारा दायर जमानत याचिका का आदेश सुरक्षित रख लिया था।

अरविंद केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा

बहस के दौरान अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि अंतरिम जमानत पार्टी के लिए प्रचार करने के उद्देश्य से थी। प्रचार के कारण बहुत तनाव था। इस कारण सीएम केजरीवाल का शुगर बढ़ गया। हरिहरन के अदालत के सामने केजरीवाल के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया।

ईडी की तरफ से पेश वकीलों ने कहा

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा, ‘स्वास्थ्य स्थितियों सहित कई तथ्यों को छिपाया गया है।’ प्रारंभिक आपत्तियों के दौरान, ईडी के वकीलों ने कहा कि हमें अंतरिम जमानत दाखिल करने पर भी आपत्ति है। यह अदालत सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को संशोधित नहीं कर सकती।

हाल ही में सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी कानूनी टीम के माध्यम से दो अलग-अलग जमानत याचिका दायर की है। उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई 7 जून को होगी। बता दें केजरीवाल को 10 मई को जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता से अंतरिम जमानत मिली थी। उन्हें 2 जून को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था।