Sarabjeet Singh Khalsa: इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे ने भी 70 हजार वोटों से जीता लोकसभा चुनाव, इस सीट से निर्दलीय भरा था पर्चा

पंजाब की फरीदकोट लोकसभा सीट से इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह खालसा से जीत दर्ज की है। उन्होंने निर्दलीय पर्चा भरा था और 70 हजार वोटों से आप प्रत्याशी को हराया।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 01:16:34 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 01:16:34 PM (IST)

Sarabjeet Singh Khalsa: इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे ने भी 70 हजार वोटों से जीता लोकसभा चुनाव, इस सीट से निर्दलीय भरा था पर्चा
सरबजीत सिंह खालसा ने फरीदकोट से जीता लोकसभा चुनाव

HighLights

  1. सरबजीत सिंह खालसा ने जीता लोकसभा चुनाव
  2. फरीदकोट लोकसभा से लड़ा था चुनाव
  3. 70 हजार वोटों से दर्ज की जीत

इलेक्शन डेस्क, इंदौर। देश में हुए लोकसभा चुनाव की तस्वीर साफ हो चुकी है। एनडीए ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है, तो वहीं यूपीए को 230 लोकसभा सीटें ही मिली है। पार्टी के लिहाज से बात करें तो भाजपा को 240 सीटें मिली है, तो वहीं कांग्रेस ने 99 सीटों पर कब्जा जमाया है।

इन चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाली सीट पंजाब की फरीदकोट लोकसभा सीट रही है। जहां से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Former PM Indira Gandhi) के हत्यारे के बेटे सरबजीत सिंह खालसा ने जीत दर्ज की है।

निर्दलीय लड़ा था चुनाव

सरबजीत सिंह खालसा ने फरीदकोट लोकसभा सीट (Faridkot Lok Sabha Election Consequence) से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिदंद्वी आप प्रत्याशी करमजीत सिंह अनमोल (AAP Candidate Karamjit Singh Anmol) को 70 हजार 53 वोट रहे हराया। खालसा को इस चुनाव में 2 लाख 98 हजार 62 वोट मिले। वहीं करमजीत सिंह अनमोल के पक्ष में 2 लाख 28 हजार 9 वोट पड़े। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रही।

इन मुद्दों पर लड़ा चुनाव

सरबजीत सिंह खालसा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान 2015 में सिख धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इसके साथ ही खालसा ने नशीली दवाओं और किसानों के मुद्दे भी उठाए।

कौन है सरबजीत सिंह खालसा? (Who’s Sarabjeet Singh Khalsa)

सरबजीत सिंह खालसा पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या करने वालों में से एक बेअंत सिंह के बेटे हैं। बता दे कि बेअंत सिंह ने अपने एक अन्य साथी सतवंत सिंह के साथ मिलकर 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके आवास पर हत्या कर दी थी। दोनों पूर्व प्रधानमंत्री के अंगरक्षक थे।