महाराष्ट्र के नासिक में हादसा, वायुसेना का सुखोई Su-30MKI क्रैश, 2 पायलट थे सवार, जांच के आदेश
फाइटर जेट में दो पायलट मौजूद थे, जो पहले ही इजेक्ट कर गए। प्लेन खेत में जाकर गिरा। एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Tue, 04 Jun 2024 04:20:00 PM (IST)
Up to date Date: Tue, 04 Jun 2024 04:20:00 PM (IST)

डिजिटल डेस्क, नासिक। भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI फाइटर जेस मंगलवार को नासिक के निशाद तालुका के शिरासगांव में क्रैश हो गया। यह विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को ओवरहॉलिंग के लिए भेजा गया। वहां से ट्रेनिंग उड़ान पर था।
दो पायलट सुरक्षित
फाइटर जेट में दो पायलट मौजूद थे, जो पहले ही इजेक्ट कर गए। प्लेन खेत में जाकर गिरा। पायलटों ने तकनीकी खराबी की बात कही है। एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। विस्तृत जांच के बाद सटीक कारण पता चलेगा।
पिछले साल वायुसेना ने HAL को 12 सुखोई विमान देने को कहा था, ताकि इससे अधिक आधुनिक बनाया जा सके। इन विमानों को भौगोलिक, मौसम और अन्य जरूरतों के हिसाब से बदला जाएगा। इसमें रडार, मिसाइलें और सब-सिस्टम लगाए जाएंगे। सुखोई Su-30MKI मल्टीरोल कॉम्बैट जेट है, जो हवा से जमीन और हवा से हवा में मार सकता है।
A Sukhoi 30 MKI crashed whereas on a check sortie from HAL Nashik at Sirsa gaon. Each the pilots of HAL have ejected to security. A technical snag was reported by the pilots. The precise cause will solely be identified after an in depth investigation: Hindustan Aeronautics Restricted (HAL)
— ANI (@ANI) June 4, 2024
SU-27 का एडवांस वर्जन
SU-30MKI रूस के SU-27 का एडवांस वर्जन है। एयरफोर्स के बाद 272 सुखोई Su-30MKI है। इसमें ग्रिजेव शिपुनोव ऑटोकैनन लगी है। साथ ही 12 हार्ड प्वाइंट्स हैं। जेट में चार तरह के रॉकेट लगाए जा सकते हैं। यह 8130 किलो वजन का हथियार उठा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल भी इसमें तैनात की जा सकती है। भारत में सुखोई SU-30MKI को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बनाती है। इस फाइटर जेट की लंबाई 72 फीट है। यह अधिकतम 2120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है।

