Pune Automotive Accident Case: पुणे पोर्श कांड में नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द, 5 जून तक बाल सुधार गृह में भेजा गया
पुणे पोर्श हादसे में नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई है। उसे 5 जून तक बाल सुधार गृह में भेज दिय गया है।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Wed, 22 Could 2024 08:41:32 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 22 Could 2024 10:56:53 PM (IST)

HighLights
- नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द।
- 5 जून तक बाल सुधार गृह भेजा गया।
- पिता 24 मई तक पुलिस कस्टडी में।
एएनआई, पुणे। Pune Automotive Accident Case: पुणे पोर्श हादसे में नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई है। उसे 5 जून तक बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने उसके बिल्डर पिता को गिरफ्तार किया। उन्हें अदालत ने 24 मई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। 19 मई को पोर्श कार की टक्कर में बाइक सवार मध्यप्रदेश निवासी युवक और युवती की मौत हो गई थी।
नाबालिग को भेजा गया बाल सुधार गृह
पुणे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा, नाबालिग पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाना जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस ने हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है।
आरोपी नाबालिग के पिता पर स्याही फेंकी
पुणे पुलिस ने मंगलवार को नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल को छत्रपति संभाजी नगर से गिरफ्तार किया था। विशाल की बुधवार को कोर्ट में पेशी थी। पुलिस जैसे ही विशाल को सत्र न्यायालय ले जाने के लिए निकली तो रास्ते में कुछ लोगों ने नाबालिग के बिल्डर पिता पर स्याही फेंक दी।
क्या है पूरा मामला?
पुणे में 17 साल के लड़के ने बीते रविवार (19 मई) को शराब के नशे में पोर्श कार से बाइक सवार दो आईटी इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी। हादसे में अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई। दोनों युवक-युवती मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। पुणे में साथ में एक ही कंपनी में काम करते थे। इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पहले आरोपी नाबालिग को कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया था। अब तक पुलिस ने पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है।
नाबालिग को सात शर्तों पर मिली थी जमानत
1. 7500 रुपये के दो बॉन्ड भरने होंगे। एक निजी बॉन्ड और दूसरा श्योरिटी बॉन्ड।
2. दुर्घटनाओं पर 300 शब्दों का निबंध लिखना होगा।
3. आरटीओ ऑफिस में जाकर नियम-कानून पढ़ने होंगे। प्रेजेंटेशन बनाकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को पेश करना होगा।
4.आरटीओ अधिकारियों के साथ 15 दिन तक काम करना होगा। ट्रैफिक नियम समझने होंगे।
5. शराब की लत छुड़ाने के लिए काउंसलिंग होगी।
6. साइकिएट्रिस्ट से संपर्क करना होगा। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
7. जब भी बुलाने पर नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश होना पड़ेगा।


