Jashpur Information:जंगल की कूप कटाई के विरोध में लामबंद हुए कामारिमा के ग्रामीण

वनविभाग द्वारा जिले के सन्ना वन परिक्षेत्र में कराए जा रहे कूप कटाई के विरोध में स्थानीय रहवासी लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कूप कटाई की मांग की है। मांग पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Wed, 22 Might 2024 07:31:05 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 22 Might 2024 07:31:05 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि,जशपुरनगर : वनविभाग द्वारा जिले के सन्ना वन परिक्षेत्र में कराए जा रहे कूप कटाई के विरोध में स्थानीय रहवासी लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कूप कटाई की मांग की है। मांग पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

नाराज ग्रामीणो का आरोप है कि वन विभाग ने जंगल में पुराने साल के पेड़ों को काटने की अनुमति दी है जिससे गांव के जंगल और चारागाह तबाह हो जाएंगे। ग्रामीणों वासुदेव,उमाशंकर, प्रकाशराम, जगनराम , रघुनाथ राम , प्रदीपराम, जागेश्वर राम, गोकुल राम ने बताया कि पिछले कुछ सालों से जिले के पठारी इलाक़े में जंगल की जोर शोर से कटाई चल रही। जिससे पर्यावरण और हम ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जंगल के कटाई से इस इलाके से निकलने वाली ईब नदी सूख चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल सन्ना वन परिक्षेत्र में जंगल कम होने के बावजूद चार करोड़ मूल्य की कूप कटाई करके विभाग अपना राजस्व तो बढ़ा लिया ,लेकिन कई हजार साल के विशाल पेड़ों की बलि दे दी गई। उन्होंने कहा कि लकड़ियों को घटनास्थल तक ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर गांव की ओर जाने वाली सड़क को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जगन राम और उज्जैन राम ने बताया कि दातूनपानी गांव में हजारों पेड़ों को कटाने की तैयारी वन विभाग कर रहा है। यहां स्थित पुष्पांजलि 121 नंबर के जंगल में पेड़ों को कटाने के लिए पेड़ों पर चिन्ह बनाया गया है। जंगल नहीं होने से हमें अपने पशुओं को चारा पानी देने में परेशानी होगी , जिससे हमें गांव से पलायन करना पड़ेगा। इस इलाक़े में अभी से पेयजल काफ़ी नीचे चला गया है , गांव में अगर जंगल कट गए तो पेयजल का संकट हो जाएगा। इस इलाके में किसान धीरे-धीरे खेती से जुड़ रहे है पानी की कमी से खेती में समस्या होगी।

बैठक कर पेड़ों की कटाई नहीं करने देने का लिया फैसला

कमारिमा गांव के ग्रामीणों का वन कटाई को लेकर कहना है कि उनके इलाके में जंगलों की लगातार कूप कटाई हो रही है. दो दिन पहले ही पूरे ग्रामीणों ने बैठकर यह फैसला लिया था कि अगर कूप कटाई इसी तरह जारी रही तो वनों का विनाश होने से कोई नहीं रोक सकता है, इसलिए ग्रामीणों ने बैठक लेकर यह कदम उठाया, पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग उनकी मांग को अनसुनी करती है तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे लेकिन अपने इलाके में कूप कटाई नहीं करने देंगे ।

वर्जन

अभी बहुत जल्दी कूप कटाई की योजना नहीं है , कूप कटाई की अनुमति की लंबी प्रक्रिया होती है। विभाग को लंबे प्रक्रिया का पालन करना होता है। पुराने पेड़ों की कटाई से जंगल को कोई नुकसान नहीं होता बल्कि पर्यावरण और जंगल के लिए अच्छा होता है।

– विवेक भगत रेंजर

सन्ना वन परिक्षेत्र

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