Ambikapur Information: तीन विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू, खुलेंगे रोजगार के अवसर
एनएसएस के माध्यम से सात दिवसीय शिविर लगाएंगे। एक प्लेसमेंट सेल का गठन करेंगे ताकि तीनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
By Asim Sen Gupta
Publish Date: Wed, 22 Might 2024 10:11:45 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 22 Might 2024 10:11:45 AM (IST)

HighLights
- नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे।
- टुरिज्म के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
- राज्य में पहला विश्वविद्यालय कांसेप्ट से मिलेगा सभी को लाभ।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अशोक सिंह, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो एडीएन वाजपेयी, शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के कुलपति प्रो ललित पटेरिया के मध्य टीआरआइओ यूनिवर्सिटी के लिए एमओयू अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में हुआ।
इस कान्सेप्ट के आधार पर तीनों विश्वविद्यालय के मध्य अकादमिक गतिविधियों, स्पोर्टस, टुरिज्म, योग, कांफ्रेंस ,सिलेबर्स डिजाईन, राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान, प्रशासनिक कार्य, साइंटिस्ट पुल, पेपर सेटिंग, फ्रिडम स्प्रिचुअल टुरिज्म, एनवायरमेन्टल, स्डिज में समन्वय स्थापित कर एक दूसरे के साथ सहयोग करने के लिए समझौता किया गया।
यह राज्य में सबसे पहला युनिवर्सिटी कांसेप्ट है जिससे सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़ के विद्यार्थियों, शिक्षकों की उन्नयन में यह लाभकारी साबित होगा।इस एमओयू के तहत तीनों युनिवर्सिटी मिलकर एक क्वार्डिनेशन कमेटी बनाएंगे जो सभी तरह के गतिविधियों में एक दूसरे की सहायता करेंगे।
सबसे पहले ये तीनों विश्वविद्यालय एक रिसर्च जरनल प्रकाशित करेंगे। इसके बाद सभी विश्वविद्यालय एक कामन लोगो बनाकर अपने वेबसाईट पर प्रकाशित करेंगे। एनएसएस के माध्यम से सात दिवसीय शिविर लगाएंगे। एक प्लेसमेंट सेल का गठन करेंगे ताकि तीनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे। एक दूसरे के साथ कल्चरल एक्टीविटी, नेचरोपैथी, डिबेट काम्पीटीशन, रिसर्च पब्लिकेशन, स्पोर्टस एक्टीविटीज, अकादमिक बैंक आफ क्रेडिट,एग्रीकल्चरल पुल आदि आपसी सहयोग से कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
इसमें तीनों विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने-अपने विचार रखे।संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अशोक सिंह ने अपने उद्घोद्धन में कहा कि टीआरआइओ युनिवर्सिटी का कान्सेप्ट तीनों विश्वविद्यालय के भविष्य के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि इससे भविष्य में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की अकादमिक गतिविधियों को बढावा मिलेगा। नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे। रिसर्च की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
टुरिज्म के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। कल्चरल एक्टीविटीज, एल्युमिनाई सेल, स्पोर्टस की गतिविधियां, रिसर्च का आदान-प्रदान, आपसी सहयोग से फेकल्टी डेवलपमेन्ट प्रोग्राम, अकादमिक बैंक आफ क्रेडिट से नए सर्टिफिकेशन कोर्सेस, आनलाइन कोर्सेस की शुरूआत की जा सकेगी।
उन्होंने तीनों विश्वविद्यालयों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सभी को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम में प्रो एचएस होता, प्रो यशवंत पटेल, प्रो तरूणधर दीवान, प्रो एचएसपी तोण्डे, प्रो जितेन्द्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे।


