बेटी के लिए चुनाव प्रचार में उतरे लालू प्रसाद यादव, बोले- रोहिणी को कार्यकर्ता बनाना चाहते थे उम्मीदवार
सारण में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व सीएम और राजद नेता लालू यादव ने कहा कि सारण के लोगों ने ही मुझे राजनीति में आने की अनुमति दी है और इसलिए उनके प्रति मेरा विशेष स्नेह है। मैं उनका कर्ज कभी नहीं चुका पाऊंगा।
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 17 Apr 2024 07:30 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 17 Apr 2024 07:31 PM (IST)

HighLights
- लालू प्रसाद यादव ने सारण से की चुनाव प्रचार की शुरुआत।
- बेटी रोहिणी आचार्य के लिए चुनावी प्रचार में कूदे।
- कहा- कार्यकर्ता रोहिणी को चुनाव लड़ाना चाहते थे।
एएनआई, सारण। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सारण से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपनी बेटी व राजद प्रत्याशी रोहिणी आचार्य के लिए चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सारण के लोग चाहते थे कि परिवार से ही किसी को चुनावी मैदान में उतारा जाए, इसलिए रोहिणी आचार्य का नाम तय हुआ।
सारण में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व सीएम और राजद नेता लालू यादव ने कहा कि सारण के लोगों ने ही मुझे राजनीति में आने की अनुमति दी है और इसलिए उनके प्रति मेरा विशेष स्नेह है। मैं उनका कर्ज कभी नहीं चुका पाऊंगा। सारण के लोगों ने मुझसे परिवार से (सारण से) उम्मीदवार देने के लिए कहा था। एक बैठक के बाद उन्होंने मुझसे रोहिणी आचार्य को उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए कहा। मैंने उनकी बात को स्वीकार कर लिया और उन्हें सारण से राजद का उम्मीदवार बना दिया।
#WATCH | Addressing a public assembly in Saran, former Bihar CM & RJD chief Lalu Yadav says, “The folks of Saran have allowed me to enter into the politics and therefore I’ve a particular affection in the direction of them. I’ll by no means have the ability to pay the debt of the folks of Saran. Folks have been… pic.twitter.com/tzQG8wdAZc
— ANI (@ANI) April 17, 2024
छपरा में कार्यकर्ताओं को दिया मंत्र
छपरा में लालू यादव ने आरजेडी ऑफिस के उद्घाटन दौरान कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव है। बाबा साहेब के संविधान को नष्ट करने की कोशिश हो रही है। यह हम नहीं होने दे सकते हैं। बाबा साहेब की ही वजह से हमें आरक्षण मिला है। हमें लोकतंत्र नसीब नहीं होता। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम इस संविधान की रक्षा करेंगे। इसको नष्ट करने वालों को नष्ट कर देंगे।

