Indore Information: इंदौर नगर निगम में 28 करोड़ रुपये के फर्जी बिल मामले में अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, उच्च स्तरीय जांच होगी, जो भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे।
By Sameer Deshpande
Publish Date: Thu, 18 Apr 2024 08:50 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 18 Apr 2024 08:50 AM (IST)

HighLights
- दो माह पहले ही सामने आ गई थी गड़बड़ी
- वर्ष 2022 से पहले हुए काम और भुगतान की भी होगी जांच
- जिन अधिकारियों के पास उस समय संबंधित जिम्मेदारी नहीं थी, उनके भी हस्ताक्षर किए गए।
Indore Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 28 करोड़ रुपये के फर्जी बिल नगर निगम के ड्रेनेज विभाग से होते हुए भुगतान के लिए लेखा शाखा तक पहुंचने के मामले में संदेह के घेरे में निगम के अधिकारी, कर्मचारी भी हैं। बगैर इनकी जानकारी और साठगांठ के कोई फर्म इस तरह से फर्जी बिल तैयार कर लेखा शाखा तक पहुंचा दे, यह संभव नहीं। अब उच्च स्तरीय कमेटी वर्ष 2022 से पहले हुए कामों की जांच करेगी।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ड्रेनेज विभाग ने फर्जी हस्ताक्षरों वाले दस्तावेज और बिल लेखा शाखा भेज कैसे दिए? संलिप्तता के बगैर यह संभव ही नहीं है। खास बात यह भी है कि ये बिल आडिट में भी पकड़ में नहीं आए। ऐसे में आडिट विभाग की भूमिका पर भी संदेह उठ रहा है।
पांच फर्मों के 20 पे आर्डर
निगम ने एमजी रोड पुलिस थाने में मे. नींव कंस्ट्रक्शन प्रोप्राइटर मो. साजिद, मे. ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्रोप्राइटर मो. सिद्दिकी, मे. किंग कंस्ट्रक्शन प्रोप्राइटर मो. जाकिर, मे. क्षितिज इंटरप्राइजेस प्रोप्राइटर रेणु वडेरा और मे. जाह्नवी इंटरप्राइजेस प्रोप्राइटर राहुल वडेरा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
इस वजह से हुआ शक
- एक ही दिन में पांच-पांच किमी सीवर लाइन की खोदाई और पाइप लाइन बिछाने का काम रिकार्ड में दिखाया गया था।
- एक ही दिन में 500-500 चैंबर का निर्माण खोदे गए मटेरियल का परिवहन और खोदाई की हुई ट्रेंच का भराव रिकार्ड में दिखाया गया।
कठोर कार्रवाई करेंगे
लेखा शाखा तक बिलों को पहुंचाने का काम संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। प्रथमदृष्ट्या प्रतीत होता है कि लेखा शाखा ने जो देयक प्राप्त किए हैं, उनमें कहीं न कहीं इसमें निकाय के संबंधित विभागों की संलिप्तता प्रतीत होती है। इस संबंध में उच्च स्तरीय समिति से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के लिए पत्र लिखा है। प्रकरण में जिस भी जिम्मेदार की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में इस तरह के कृत्य की पुनरावृत्ति नहीं हो।
-पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

