Indore Court docket Information: ट्रक के नीचे दबने से हुई थी आरक्षक की मौत, कोर्ट ने स्वजन को दिलवाई 52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति

ड्यूटी में तैनात कमल पारगी और एक अन्य ट्रक के नीचे दब गए थे। कमल की मौके पर ही मौत हो गई थी।

By Kuldeep Bhawsar

Publish Date: Tue, 16 Apr 2024 02:22 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 16 Apr 2024 02:22 PM (IST)

Indore Court News: ट्रक के नीचे दबने से हुई थी आरक्षक की मौत, कोर्ट ने स्वजन को दिलवाई 52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति
इंदौर कोर्ट

Indore Court docket Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ड्यूटी के दौरान ट्रक के नीचे दबने से हुई पुलिस आरक्षक की मौत के मामले में जिला न्यायालय ने आरक्षक के स्वजन को 52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए। ट्रक का बीमा करने वाली कंपनी ने यह कहते हुए आरक्षक के स्वजन की ओर से प्रस्तुत परिवाद का विरोध किया था कि आरक्षक के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी है, लेकिन न्यायालय ने इस तर्क को अमान्य करते हुए उक्त आदेश दिया।

आरक्षक कमल पारगी 18 नवंबर 2018 की रात नियमित ड्यूटी के दौरान राजोदा बायपास चौराहा देवास जेल के पास तैनात था। वह रोड से नीचे खड़ा होकर ड्यूटी कर रहा था। इस दौरान ट्रक एमपी 06 एचसी 1782 का चालक लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए लाया और ट्रक को पलट दिया। ड्यूटी में तैनात कमल पारगी और एक अन्य ट्रक के नीचे दब गए। कमल की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। कमल की पत्नी पूनमबाला, दो पुत्र और अन्य ने एडवोकेट एलएन यादव के माध्यम से ट्रक का बीमा करने वाली बीमा कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति के लिए जिला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। एडवोकेट यादव ने तर्क रखे कि कमल परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी असामयिक मौत से पत्नी, पुत्र, पुत्री, माता-पिता को अपूरणीय क्षति हुई है।

बीमा कंपनी ने यह कहते हुए परिवाद का विरोध किया तो कमल के एक पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी है और हादसे के वक्त ट्रक चालक के पास वैध लायसेंस नहीं था। सोलहवे सदस्य मोटर दुर्घटना दावा अधिकार न्यायधीश राजेश कुमार अग्रवाल ने यादव के तर्कों से सहमत होते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मृतक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में 52 लाख तीन हजार रुपये का भुगतान एक माह के भीतर करे।