बैरागढ़ में भगवान झूलेलाल की जीवन संदेश घर-घर पहुंचाने का अभियान शुरू। ठकुर साई मनीषलाल की पहल पर अब अमर कथा का मिनी संस्करण जारी किया गया है।
By Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 12 Apr 2024 03:18 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 12 Apr 2024 03:18 PM (IST)
HighLights
- कई दरबारों में अब श्रीरामचरित मानस एवं अमर कथा का पाठ होने लगा है।
- संत वासुराम सनातन दरबार में अमर कथा का पाठ होता है।
- चैतीचांद शोभायात्रा में विशेष रथ सजाया गया था, जिसमें श्रद्धालुओं को अमर कथा के भी दर्शन कराए गए।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सिंधी दरबारों में अब भगवान झूलेलाल के अवतरण पर केंद्रित अमर कथा का पाठ होने लगा है। इस कथा का पाठ कर युवाओं को अध्यात्म एवं सनातन संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा मिल रही है। भगवान झूलेलाल के 26 वें वंशज ठकुर साई मनीषलाल की पहल पर अब अमर कथा का मिनी संस्करण जारी किया गया है। यह घर-घर पहुंचाया जा रहा है।
दरबारों में हो रहा पाठ
कई दरबारों में अब श्रीरामचरित मानस एवं अमर कथा का पाठ होने लगा है। अरदास भी सनातन पद्धति से की जा रही है। गंगाधाम उदासीन दरबार में अब महंत तुलसीदास उदासीन श्रीरामचरित मानस पर आधारित सत्संग कर रहे हैं। अरदास भी सनातन पद्धति से हो रही है। संत वासुराम सनातन दरबार में श्री अमर कथा का पाठ होता है। चैतीचांद पर साई मनीषलाल के आह्वान पर अमर कथा का मिनी संस्करण जारी किया गया। सेवादार जगदीश टेहलानी के अनुसार साई जी चाहते हैं कि अपने इष्टदेव के जीवन संदेश की जानकारी सभी युवाओं को भी हो इसी उद्देश्य से हर घर अमर कथा अभियान शुरू किया गया है।
रथ में भी हुए अमर कथा ग्रंथ के दर्शन
इस बार ठकुर आसनलाल ट्रस्ट के सहयोग से चैतीचांद शोभायात्रा में विशेष रथ सजाया गया था। इसमें श्रद्धालुओं को पूज्य साहब की ज्योति के दर्शन कराए गए। रथ में अमर कथा ग्रंथ भी विराजमान था। इसके दर्शन भी कराए गए ताकियुवा अपनी प्राचीन संस्कृति के बारे में जान सकें। पुराना बी वार्ड स्थित झूलेलाल, आसनलाल मंदिर में अमर कथा के छोटे संस्करण का विमोचन किया गया। टेहलानी के अनुसार मंदिर में अमर कथा का मूल संस्करण भी विराजमान है। यहां पूजा अर्चना के साथ इसका पाठ भी होता है। सिंधी समाज जल एवं ज्योति की पूजा को महत्व देता है। कथा में पूजन पद्धति भी बताई गई है। विधि विधान से की गई पूजा ही सार्थक होती है।





