Lok Sabha Election 2024: नोटा को नकार रहे मतदाता, 2014 में 0.81 प्रतिशत मत से घटकर 2019 में 0.66 प्रतिशत पर आया
लोकसभा चुनाव में पहली बार नोटा का उपयोग 2014 के चुनाव में किया गया था।
By Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 12 Apr 2024 04:00 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 12 Apr 2024 04:00 AM (IST)

HighLights
- इसके पहले यदि कोई मतदाता किसी उम्मीदवार को मत नहीं देना चाहता था तो उसे एक फार्म भरना पड़ता था।
- इसमें खामी यह थी कि मतदाता की पहचान उजागर हो जाती थी।
- 2013 में मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नोटा का उपयोग किया गया था।
Lok Sabha Election 2024: भोपाल। नोटा (नान आफ द एबव) को मतदाता नकार रहे हैं। पिछले दो चुनावों की तुलना करें तो वर्ष 2014 नोटा का मत प्रतिशत 0.81 था जो 2019 में घटकर 0.66 प्रतिशत पर आ गया है। सामान्य के साथ अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए सुरक्षित सीटों पर इसके मत प्रतिशत में कमी आई है।
लोकसभा चुनाव में पहली बार नोटा का उपयोग 2014 के चुनाव में किया गया था। इसके पहले 2013 में मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नोटा का उपयोग किया गया था। इसके पहले यदि कोई मतदाता किसी उम्मीदवार को मत नहीं देना चाहता था तो उसे एक फार्म भरना पड़ता था, जिसमें खामी यह थी कि मतदाता की पहचान उजागर हो जाती थी।
2014 के चुनाव में नोटा की स्थिति
लोकसभा सीट का प्रकार — नोटा को मिले मत- मत प्रतिशत
सामान्य — 2,09,254 — 0.66
एससी — 38,167 — 0.61
एसटी — 1,44,350 –1.43
कुल — 3, 91,771 — 0.81

2019 के चुनाव में नोटा की स्थिति
लोकसभा सीट का प्रकार — नोटा को मिले मत- मत प्रतिशत
सामान्य — 1,59,687 — 0.47
एससी – 34,460 — 0.50
एसटी — 1,46,837 – 1.36
कुल — 3,40,984 – -0.66
एसटी सीटों पर नोटा में अधिक मतदान, तीन में घटा
सीट — 2019 — 2014
शहडोल — 20,027 – 21,378
मंडला – 32,240 – 28,306
रतलाम – 35,431 — 30,364
धार – 17,929 — 15,437
खरगोन –- 18,423 — 22,141
बैतूल – 22,787 — 26,726

