Excel Sheet पर 12 कर्मचारियों के नाम, मैनेजर को आदेश- 15 मिनट में सबको निकालो

Excel Sheet पर 12 कर्मचारियों के नाम, मैनेजर को आदेश- 15 मिनट में सबको निकालो


IT कंपनियों में लेऑफ का दौर लगातार जारी है. जो अब कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को काफी परेशान कर रहा है. हाल ही में चेन्नई की एक IT कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी मैनेजर की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि कंपनी के सीनियर अधिकारियों ने मैनेजर को 12 कर्मचारियों की लिस्ट एक्सेल शीट में दी और शुक्रवार तक सभी को नौकरी से निकालने का आदेश दिया.

खास बात ये थी कि ये सभी कर्मचारी पिछले कई सालों से उसके साथ काम कर रहे थे. इस एक आदेश ने कंपनी के मैनेजर को भी झकझोरकर रख दिया. जिसके बाद मैनेजर खुद पार्किंग में जाकर खूब रोया.

सोशल मीडिया पोस्ट
मद्रास टेकीज नाम के पेज ने Reddit पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसके मुताबिक, मैनेजर को सीनियर अधिकारियों ने एक बंद कमरे में बुलाया और 12 कर्मचारियों की लिस्ट सौंप दी. उसे साफ निर्देश दिया गया कि शुक्रवार तक सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया जाए. इस दौरान किसी तरह की बातचीत, चेतावनी या दूसरा मौका देने की इजाजत नहीं थी.

मैनेजर ने बताया कि वो इन कर्मचारियों के साथ साल 2016 से काम कर रहा था. सभी ने कई मुश्किल प्रोजेक्ट्स में एक-दूसरे का साथ दिया था. रात 3 बजे तक ऑफिस में रुककर काम करना, प्रोडक्शन से जुड़ी समस्याएं सुलझाना और ऑफिस के बाहर चाय पीना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था. वो एक-दूसरे की शादियों में भी गए हैं. मैनेजर के मुताबिक, कुछ कर्मचारी उसे ‘अन्ना’ कहकर पुकारते थे, जिसका मतलब तमिल भाषा में बड़ा भाई होता है.

कर्मचारियों की स्थिति का भी किया जिक्र
मैनेजर के लिए सबसे मुश्किल बात ये थी कि जिन कर्मचारियों को वो नौकरी से निकालने वाला था, उनमें से कई की जिंदगी इस नौकरी पर निर्भर थी. उसने पोस्ट में तीन कर्मचारियों की स्थिति का जिक्र किया. एक सीनियर डेवलपर ने चार महीने पहले ही घर खरीदने के लिए बड़ा लोन लिया था. दूसरे कर्मचारी की मां का कैंसर का इलाज चल रहा था. परिवार इलाज के लिए कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस पर निर्भर था. तो वहीं तीसरे कर्मचारी की पत्नी अगले महीने बच्चे को जन्म देने वाली थी.

मैनेजर ने ये भी लिखा कि उसके लिए इन लोगों के सामने बैठकर ये कहना बहुत मुश्किल था कि उनकी नौकरी चली गई है, उनका ऑफिस एक्सेस बंद कर दिया गया है और वो अपना सामान लेकर चले जाएं.

पोस्ट पर छिड़ी बहस
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सरकारी और प्राइवेट नौकरी को लेकर जंग छिड़ गई. एक यूजर ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए लोगों को केंद्र सरकार की नौकरी के लिए मेहनत करना चाहिए. सरकारी नौकरी में इस तरह अचानक नौकरी जाने का डर कम रहता है.

तो वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग पहले से ही नौकरी जाने के जोखिम को समझते हैं. वो ज्यादा सैलरी और बेहतर कमाई के अवसरों के लिए यह जोखिम उठाते हैं.

इतन ही नहीं कई लोगों ने इंसानियत पर भी सवाल उठाए. हालांकि, पोस्ट में कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की वजह नहीं बताई गई. ये भी साफ नहीं है कि कंपनी ने ये फैसला किन परिस्थितियों में लिया था.

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