पाकिस्तान से बात किए बिना क्यों नहीं रह सकता अमेरिका? रूबियो के जवाब ने चौंकाया


अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के साथ अपने देश के संबंधों को लेकर अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को कई ऐसे देशों के साथ भी बातचीत करनी पड़ती है, जिनसे उसके मतभेद हैं. पाकिस्तान के मामले में भी यही स्थिति है. रुबियो के मुताबिक, पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी उसे अमेरिका के लिए अहम बनाती है.

CNN-News18 को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों के साथ बातचीत जारी रखने से उन मुद्दों पर काम करने का मौका मिलता है, जिनसे भारत जैसे साझेदार चिंतित हैं. रुबियो ने भारत का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि भारत भी अपने हितों के लिए ईरान के नेताओं के साथ बातचीत करता है. उनके मुताबिक, देशों के बीच संबंध बनाए रखने का मतलब यह नहीं है कि हर मुद्दे पर सहमति हो.

आतंकवाद पर अमेरिका का क्या रुख है?

रुबियो ने कहा कि अमेरिका उन सभी लोगों और संगठनों के खिलाफ है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के रास्ते खुले रहने से दूसरे देशों के सामने अपनी चिंताएं रखने और समस्याओं को रोकने की कोशिश करने का मौका मिलता है. पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर रुबियो का बयान ऐसे समय आया है, जब भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है. हालांकि, रुबियो के इस बयान में पाकिस्तान के खिलाफ किसी नई कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चर्चा

भारत यात्रा के दौरान मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. रुबियो ने व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद जताई कि दोनों देश इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को मजबूत बनाने और साझा वैश्विक मुद्दों पर तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया.