- असली HEPA H13/H14 फिल्टर, मल्टी-लेयर फिल्ट्रेशन आवश्यक है।
- कमरे के आकार अनुसार उचित CADR रेटिंग वाला प्यूरीफायर चुनें।
- रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत, उपलब्धता और नॉइज लेवल जांचें।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही और हल्की ठंड की दस्तक के साथ ही शहरों की हवा एक बार फिर जहरीली होने लगती है. दिल्ली-एनसीआर और आसपास के बड़े शहरों में सुबह के वक्त धुंध की चादर दिखने लगती है और AQI का ग्राफ बढ़ता ही जाता है. बाहर की हवा तो हमारे बस में नहीं होती है. लेकिन घर के अंदर बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत न हो इसके लिए लोग आजकल Air Purifier खरीद रहे हैं.
अक्सर लोग Online सेल में अच्छा डिस्काउंट देखकर ऑर्डर कर देते हैं. लेकिन Air Purifier प्यूरीफायर कोई आम पंखा नहीं है जिसे बस प्लग में लगाया और काम हो गया. अगर आप बिना सही जानकारी के गलत मशीन घर ले आते हैं तो हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी कमरे का प्रदूषण कम नहीं होगा. इसलिए खरीदारी करने से पहले इन तीन जरूरी बातों को अच्छी तरह जान लेना जरूरी है
असली HEPA फिल्टर और मल्टी-लेयर फिल्ट्रेशन
किसी भी Air Purifier की असली ताकत उसका फिल्टर होता है. बाजार में कई सस्ते प्यूरीफायर HEPA-Type HEPA-Like लिखकर बेचे जाते हैं. जिनसे आपको साफ बचना चाहिए. हमेशा ऐसा Air Purifier चुनें जिसमें True HEPA फिल्टर लगा हो और वह भी कम से कम H13 या H14 ग्रेड का होना चाहिए. यही फिल्टर हवा में उड़ने वाले बेहद बारीक और खतरनाक PM 2.5 के कणों, धूल, पराग और बैक्टीरिया को 99.97 प्रतिशत तक रोकने की ताकत रखता है.
इसके अलावा यह भी चेक करें कि मशीन में कम से कम तीन लेयर की फिल्ट्रेशन हो. इसमें सबसे ऊपर प्री-फिल्टर होना चाहिए जो बालों और मोटी धूल को रोक लेता है. वहीं बीच में एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर का होना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि HEPA फिल्टर सिर्फ धूल रोकता है, लेकिन किचन के धुएं, पेंट की गंध, सिगरेट की बदबू और जहरीली गैसों को सोखने का काम कार्बन फिल्टर ही करता है. बिना इसके हवा पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगी.

कमरे के साइज के हिसाब से चेक करें CADR
दूसरी सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि अपने बड़े से रूम या हॉल के लिए छोटे साइज का Air Purifier खरीद लेते हैं. जैसे छोटे AC से बड़ा कमरा ठंडा नहीं होता ठीक वैसे ही कम क्षमता वाला Purifier बड़े कमरे की हवा साफ नहीं कर सकता. इसे समझने के लिए आपको बॉक्स पर लिखा CADR यानी Clean Air Delivery Rate जरूर चेक करना चाहिए.
यह नंबर बताता है कि मशीन एक घंटे में कितनी क्यूबिक मीटर हवा को साफ करके बाहर फेंक सकती है. किसी भी प्यूरीफायर का CADR जितना ज्यादा होगा वह उतनी ही तेजी से कमरे की जहरीली हवा को फिल्टर करेगा. अगर आपका बेडरूम 200 से 300 स्क्वायर फीट का है तो कम से कम 300 से 350 CADR रेटिंग वाली मशीन ही खरीदें.

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कीमत के साथ यह चीजें भी चेक करें
अक्सर लोग 6 से 7 हजार रुपये में मिलने वाला सस्ता Air Purifier खुशी-खुशी घर ले आते हैं. लेकिन असली झटका उन्हें अगले सीजन में लगता है. Air Purifier का फिल्टर हमेशा के लिए नहीं होता प्रदूषण के हिसाब से इसे हर 6 से 12 महीने में बदलना पड़ता है. कई बार सस्ती मशीनों के Replacement Filter ही 3 से 4 हजार रुपये के आते हैं या फिर मार्केट में आसानी से मिलते ही नहीं हैं.
ऐसे में Filter न मिलने पर पूरी मशीन किसी काम की नहीं रहती. इसलिए खरीदने से पहले ऑनलाइन यह जरूर सर्च कर लें कि उस मॉडल का नया फिल्टर कितने का आता है और आसानी से मिल जाता है या नहीं. इसके अलावा प्यूरीफायर को रात भर बेडरूम में चलाना पड़ता है, इसलिए उसका नॉइज लेवल और स्लीप मोड भी चेक करें.
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