- यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिथियम बैटरी का खतरा मुख्य वजह है.
फ्लाइट में सफर करने वाले यात्रियों के लिए पावर बैंक से जुड़ी एक जरूरी अपडेट सामने आई है. DGCA ने एक खास ब्रांड के पावर बैंक को भारत में आने-जाने वाली और देश के अंदर चलने वाली सभी फ्लाइट्स में ले जाने पर रोक लगा दी है. यह फैसला इस पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद लिया गया है.
अब यात्री इसे न तो केबिन बैगेज में रख सकते हैं और न ही चेक-इन बैगेज में ले जा सकते हैं. इसके अलावा इसे कार्गो के जरिए भी विमान में भेजने की परमिशन नहीं है, हालांकि यह पाबंदी सिर्फ एक खास मॉडल पर लगाई गई है, सभी पावर बैंक पर नहीं है. तो आइए जानते हैं कि किस ब्रांड के पावर बैंक अब फ्लाइट में बैन लगा और इसकी क्या वजह है.
किस ब्रांड के पावर बैंक पर लगा प्रतिबंध?
DGCA ने MOBIKINS के MK-PB-04 मॉडल के पावर बैंक को लेकर नया आदेश जारी किया है. इस मॉडल में हाल ही में आग लगने की घटना सामने आई थी. इसके बाद विमान में इससे जुड़े संभावित खतरे को देखते हुए इसे ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया. DGCA ने एयरलाइंस को इस मॉडल की पहचान करने और इसे विमान में ले जाने से रोकने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा है. साथ ही यात्रियों को भी इस प्रतिबंध की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं.
पावर बैंक पर प्रतिबंध लगाने की क्या वजह है?
पावर बैंक पर रोक लगाने के पीछे विमान में आग लगने का खतरा और यात्रियों की सुरक्षा मुख्य वजह है. हाल ही में 11 अक्टूबर को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने लगा था. इसके बाद विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ा गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया. इस घटना ने विमान में बैटरी से चलने वाले डिवाइसों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर सामने ला दिया.
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पावर बैंक में आग लगने का खतरा क्यों?
पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी होती है, जो खराबी आने, ज्यादा गर्म होने या अंदर शॉर्ट सर्किट होने पर आग पकड़ सकती है. उड़ान के दौरान ऐसी घटना यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. इसी खतरे को देखते हुए DGCA ने MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल को फ्लाइट में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है. हाल के समय में कई देशों ने विमानों में पावर बैंक के इस्तेमाल और उन्हें ले जाने से जुड़े नियम सख्त किए हैं.
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