US में तूफान, नेपाल में बाढ़ और पनामा में भूकंप, क्या मौसम भारत में भी लाएगा ‘आफत’ ?


दुनिया के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है. अमेरिका में तूफान, मेक्सिको के तटीय इलाकों में खराब मौसम, नेपाल में अचानक आई बाढ़ और पनामा में शक्तिशाली भूकंप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. भारत में भी कई इलाकों में बेमौसम बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं.

इन घटनाओं ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि मौसम इतनी तेजी से क्यों बदल रहा है और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा कैसे बढ़ रहा है. हालांकि, हर आपदा की वजह अलग होती है. समुद्र का बढ़ता तापमान, अल नीनो, भारी बारिश, पहाड़ों पर भूस्खलन और धरती की प्लेटों में हलचल जैसी स्थितियां अलग-अलग घटनाओं में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

अमेरिका में तूफान से भारी नुकसान

अमेरिका के फ्लोरिडा में 9 अक्टूबर को हरिकेन इसायस ने दस्तक दी. इसके साथ तेज हवाएं, भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ गया. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, फ्लोरिडा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग बिजली के बिना रहे.

प्रशांत महासागर में भी तूफानों की गतिविधियां तेज रहीं. हरिकेन साइमन और रैचल से जुड़े मौसम के असर ने मेक्सिको-अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ाया. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल पूर्वी और मध्य प्रशांत महासागर में तूफानों की गतिविधि असामान्य रूप से ज्यादा रही है. मजबूत अल नीनो और समुद्र के गर्म पानी को इसकी अहम वजहों में गिना जा रहा है.

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़

नेपाल के गोरखा जिले में 11 अक्टूबर को बूढ़ी गंडकी नदी के आसपास अचानक बाढ़ आ गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता कुछ समय के लिए रुक गया था. इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक तेज बहाव के साथ नीचे के इलाकों में बाढ़ आ गई. इस घटना में कई घर और पुल बह गए. हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा. शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम पांच लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई, जबकि बचाव दल ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया.

पनामा में शक्तिशाली भूकंप से दहशत

पनामा में 9 अक्टूबर को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद 6.6 तीव्रता का एक और भूकंप और कई झटके महसूस किए गए. कुछ इलाकों में इमारतों और ऐतिहासिक ढांचों को नुकसान पहुंचा. एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया. शुरुआती तौर पर सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया. भूकंप और तूफान की वजह एक जैसी नहीं होती.

भारत में भी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चुनौती

भारत में मानसून की वापसी के बाद भी कुछ इलाकों में बारिश और खराब मौसम की घटनाएं सामने आती रही हैं. उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. पंजाब, हरियाणा और दूसरे कृषि क्षेत्रों में बारिश का असर फसलों और मंडियों पर भी पड़ सकता है. जम्मू में 11 अक्टूबर को 185.6 मिलीमीटर बारिश और अक्टूबर का 71 साल का रिकॉर्ड टूटने का दावा भी सामने आया है.