पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सलाह पर रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है. जिसके बाद जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ(PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया गया है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिये 4 अक्टूबर से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से इस्लामाबाद तक निकाली जा रही है. इस लांग मार्च के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही आज खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में PTI की सरकार को बर्खास्त करके, इमरजेंसी लगाने का फैसला केंद्रीय कैबिनेट में स्वीकार करके राष्ट्रपति के पास भेज गया था. जिसे पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने स्वीकार कर लिया है.
मुख्यमंत्री को किया गया गिरफ्तार
राष्ट्रपति जरदारी ने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत यह घोषणा की है. इस घोषणा के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी प्रांत में बढ़ते आतंकवादी हमलों और संवैधानिक व्यवस्था के विफल होने का हवाला दिया गया है. इस घोषणा के तहत, मुख्यमंत्री, प्रांतीय मंत्री, सलाहकार, विशेष सहायक और एडवोकेट जनरल आदि को तुरंत अपने पद से बर्खास्त कर दिया गया है.
सरकार बर्खास्त करके इमरजेंसी लगाने के साथ-साथ खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी समेत उनकी कैबिनेट के 6 मंत्रियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इमरजेंसी लगने के बाद सोहेल अफरीदी अब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और पूरा सरकारी तंत्र गवर्नर के नीचे आ जाएगा और पुलिस से लेकर प्रशासन तक सारा कंट्रोल गवर्नर के पास आ गया है.
अफरीदी ने कहा PTI का संघर्ष जारी रहेगा
आज सुबह से ही खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लगाने की सुबगुहाट थी. जिसकी वजह से मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पाकिस्तान की सरकार को चेतावनी दी थी, कि अगर इमरजेंसी लगायी गई या फिर गवर्नर रूल लगाया गया तो लोग तुर्की में हुए संघर्ष का उदाहरण देना बंद कर जाएंगे.
सोहेल अफरीदी ने ये भी कहा था कि वो अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और PTI का संघर्ष जारी रहेगा. खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लगाने के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, साथ ही एहतिहातन खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में भी कंटेनर लगा दिए गए हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आवास के बाहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
12 साल से थी PTI की सरकार
145 सीटों वाली खैबर पख्तूनख्वा की विधानसभा में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI ) के पास लगभग दो तिहाई बहुमत के साथ 92 विधायक सीट थे. साथ ही पिछले 12 साल से खैबर पख्तूनख्वा में PTI की ही सरकार थी, ऐसे में इतनी मजबूत सरकार को बर्खास्त करके इमरजेंसी लगाने के पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के फैसले के खिलाफ आने वाले दिनों में जनाक्रोश सामने आना स्वाभाविक है.





