अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि हम इस्लामिक गणराज्य के साथ सार्थक बातचीत कर रहे हैं. मैं सभी को यह साफ कर देना चाहता हूं कि भले ही ईरान की हालत आर्थिक और सैन्य दोनों ही लिहाज से बहुत खराब है. भले ही नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी. इसके बावजूद हॉर्मुज से रिकॉर्ड मात्रा (कल रात ही 22 मिलियन बैरल) में तेल बह रहा है.
उन्होंने कहा कि इसमें से एक भी बैरल ईरान से न तो आ रहा है और न ही वहां जा रहा है. फिर भी हम 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेंगे. ईरान के पास एटमिक हथियार नहीं होगा.
क्या अमेरिका के 82 मिलिट्री एयरक्राफ्ट ड्रोन क्षतिग्रस्त हुए?
वहीं, न्यूज एपी ने बताया कि इस हफ्ते अपडेट की गई कांग्रेसन रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में बताया कि ईरान युद्ध में अमेरिका के कम से कम 82 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और ड्रोन या तो क्षतिग्रस्त हुए हैं या नष्ट हो गए हैं. नष्ट हुए एयरक्राफ्ट में वे भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिकी सेना ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है, साथ ही दर्जनों ऐसे ड्रोन भी हैं, जिनके बारे में सेना ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए 81 एयरक्राफ्ट में 45 MQ-9 रीपर ड्रोन, 12 F-15E स्ट्राइक ईगल जेट, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एरियल रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और एक F-35A लाइटनिंग II फाइटर जेट शामिल हैं.
ईरान के एटमिक चीफ क्या बोले?
वहीं, ईरान के एटमिक चीफ मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि अमेरिका के प्रेशर और धमकियों के बावजूद तेहरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा. न ही अपने भंडार को सौंपेगा. उन्होंने संवर्धन को ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु इंडस्ट्री का एक जरूरी हिस्सा बताया है. साथ ही कहा है कि ऐसी गतिविधियां परमाणु नॉन प्रोलिफेरेशन ट्रीटी के तहत इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप हैं.





