2026 के लिए साहित्य के नोबेल पुरस्कार का ऐलान गुरुवार को किया गया. नोबल पुरस्कार देने वाली स्वीडिश अकादमी ने इस साल ये सम्मान कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन(Anne Carson) को दिया है.
स्वीडिश अकादमी के अनुसार, उन्हें यह पुरस्कार उनके “बेबाक और नए प्रयोगों” के लिए मिला है. उन्होंने क्लासिकल परंपरा के साथ नए प्रयोग कर समकालीन साहित्य के लिए नए रूप गढ़े हैं. अपने पूरे करियर के दौरान, ऐन कार्सन ने कविता लिखने के साथ-साथ अनुवाद का काम और अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ाने का काम भी किया है.
नोबेल पुरस्कार पाने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया थी कि “यह थोड़ा अजीब लगता है.”
“It seems a little insane” Anne Carson was sweeping the kitchen floor at her home in Reykjavík, Iceland, when the phone rang and she learnt that she had been awarded the 2026 Nobel Prize in Literature. In this conversation with the Nobel Prize just moments after the announcement, Carson shares her advice for aspiring writers and reveals that she has already started planning how to give away the prize money.
— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 8, 2026
किचन साफ करते हुए आया नोबेल जीतने का फोन
नोबेल पुरस्कार के ऑफिसियल ‘X’ अकाउंट के अनुसार “ऐन कार्सन आइसलैंड के रेक्याविक में अपने घर पर किचन का फर्श साफ कर रही थीं, तभी अचानक फोन की घंटी बजी और उन्हें पता चला कि उन्हें 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है.
पुरस्कार की घोषणा के कुछ ही देर बाद नोबेल पुरस्कार के साथ हुई इस बातचीत में, कार्सन उभरते लेखकों को सलाह देती हैं और बताती हैं कि “उन्होंने पुरस्कार की रकम को कैसे खर्च करना है, इसकी योजना बनाना भी शुरू कर दिया है.”
शब्दों की व्युत्पत्ति ही सभी कामों की शुरुआत
उनका लगभग सारा साहित्यिक काम शब्दों के प्रति एक भाषा-विशेषज्ञ के जुनून और नए अर्थों की तलाश करने वाले कवि के नजरिए के मेल पर केंद्रित रहा है. उन्होंने खुद माना है कि शब्दों की व्युत्पत्ति ही उनके सभी कामों की शुरुआती कड़ी रही है.
‘इरोस द बिटरस्वीट’ है सबसे विख्यात रचना
कार्सन का जन्म 1950 में टोरंटो में हुआ था . उन्होंने 1981 में क्लासिक्स विषय में ‘ओडी एट अमो एर्गो सम(मैं नफरत करता हूँ और प्यार करता हूँ, इसलिए मैं हूँ)’ नाम से डॉक्टरेट थीसिस प्रकाशित कर पीएचडी की डिग्री प्राप्त की. नोबेल प्राइज के ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक, 1986 में प्रकाशित ‘इरोस द बिटरस्वीट’ को इनका सबसे बेहतरीन लेखन माना जाता है. इसमें उन्होंने प्राचीन ग्रीक साहित्य के जरिए प्रेम और इच्छा के मर्म को समझाया है . उनके मुताबिक, प्रेम में हर्ष और कष्ट दोनों शामिल हो सकते हैं.
पिता की मानसिक बीमारी पर लिखी कई रचनाएं
कार्सन के पिता रॉबर्ट को अल्जाइमर की बीमारी थी. “द ग्लास एसे” (जो ‘ग्लास, आयरनी, एंड गॉड’ में शामिल है), “वेरी नैरो” (‘प्लेनवाटर’ में शामिल) और “फादर्स ओल्ड ब्लू कार्डिगन” (‘मेन इन द ऑफ आवर्स’ में शामिल) ये सभी रचनाएं ऐन ने अपने पिता के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बिगड़ने के बारे में लिखी हैं.
प्राचीन को आधुनिकता से जोड़ने में माहिर
कार्सन की खासियत अलग-अलग दौर के लेखकों को एक ही रचना में साथ मिलाकर रखना है. 1999 की ‘इकोनॉमी ऑफ द अनलॉस्ट’ में उन्होंने प्राचीन यूनानी कवि सिमोनाइड्स को आधुनिक कवि पॉल सेलान के साथ मिलाकर रखा. सन 2000 की ‘मेन इन द ऑफ आवर्स’ में उन्होंने प्राचीन इतिहासकार थ्यूसीडिडीज और आधुनिक लेखिका वर्जीनिया वूल्फ को जोड़ा. इस तरह उन्होंने पुराने और नए साहित्य के बीच नया पुल बनाने की कोशिश की.
जीवन भर किए साहित्यिक प्रयोग
अपने पूरे लेखन करियर के दौरान, कार्सन ने लगातार साहित्यिक रूपों के साथ प्रयोग किए हैं और लेखन की संभावनाओं को तलाशा है. इसका एक उदाहरण 2016 में प्रकाशित ‘फ्लोट (Float)’ है, जो अलग-अलग विषयों पर बाईस छोटी किताबों (Chapbooks) का संग्रह है. जिन्हें किसी भी क्रम में पढ़ा जा सकता है. हाल ही में, 2024 में आई ‘Wrong Norma’ में अलग-अलग तरह के लेखों का मिश्रण है, जिसमें परफॉर्मेंस का एक मजबूत पहलू है और कार्सन इसमें कई कलात्मक और शैक्षणिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हैं.





