अब बंद हो जाएंगी ये 60 दुकानें, रिलायंस ने तोड़ डाली 7 साल पुरानी डील

अब बंद हो जाएंगी ये 60 दुकानें, रिलायंस ने तोड़ डाली 7 साल पुरानी डील


Reliance Retail और दुनिया की जानी-मानी कन्वीनिएंस स्टोर चेन 7-Eleven भारत में अपना पांच साल का मास्टर फ्रैंचाइज एग्रीमेंट खत्म कर रहे हैं. इस फैसले के लते दोनों कंपनियों के तहत चल रहे करीब 60 स्टोर्स में से ज्यादातर अब बंद होने की कगार पर हैं.

कुछ स्टोर्स पर बचा हुआ सामान बेचने के बाद उन्हें भी बंद किया जा सकता है. इन्हें रिलायंस भारी डिस्काउंट या ‘बाय वन गेट वन’ (BOGO) जैसे ऑफर्स के जरिए जल्द से जल्द बेचेगी ताकि फंसा हुआ पैसा निकल सके.

2021 में शुरू हुआ था सफर

Reliance और 7-Eleven दोनों ने 9 अक्टूबर 2021 से भारत में साथ अपना सफर शुरू करने का फैसला लिया था. मुंबई के अंधेरी ईस्ट (मरोल) इलाके में इसका पहला स्टोर खोला गया था. 7-Eleven ने सबसे पहले किशोर बियानी के ‘फ्यूचर ग्रुप’ (Future Group) के साथ एक डील साइन की थी, लेकिन फिर कोरोना महामारी और वित्तीय संकट के चलते अक्टूबर 2021 में यह डील टूट गई. फिर इसके बाद इसने मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल के साथ हाथ मिलाया. 

भारत में क्यों नहीं चल पाया बिजनेस?

भारत में 7-Eleven जैसे कन्वीनिएंस स्टोर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि यहां हर गली-नुक्कड़ पर किराने की दुकान है. लोगों को सामान मंगाने के लिए मॉल या मार्केट जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है. वहीं, अमेरिका और जापान जैसे देशों में इसे सफलता इस वजह से मिली है क्योंकि वहां अचानक सामान खरीदने के लिए इससे बेहतर विकल्प कुछ और नहीं है. 

इसके अलावा, भारत में Blinkit, Zepto और Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिनटों में सामान घर पर डिलीवर कर देते हैं. ऐसे में लोगों को कहीं और जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है. आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को 92 करोड़ के रेवेन्यू पर 90 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है, जो इस बात का सबूत है कि इसका ऑपरेश्नल कॉस्ट काफी अधिक है. एक तो प्राइम लोकेशंस पर भारी किराया,  ब्रांडेड स्टोर का रखरखाव, और फ्रेंचाइजी फीस देने के बाद मुनाफे का मार्जिन लगभग खत्म हो जाता था. ऐसे में कंपनी प्रॉफिट करें, तो कैसे करें. इसके चलते भारत में इसकी दुकानें कुछ खास कमाल नहीं कर पाईं.

अब आगे क्या होगा?

रिलायंस के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद  भारत में जितने भी 7-Eleven स्टोर चल रहे हैं (लगभग 60 स्टोर), उन सभी से 7-Eleven का नाम और बोर्ड हटा दिया जाएगा. हालांकि, सारे स्टोर्स एक बार में बंद नहीं किए जाएंगे. रिलायंस इनमें कुछ चुनिंदा स्टोर्स को चालू रखकर अपने खुद के किसी ब्रांड जैसे Reliance Smart Point में बदल देगी.

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