- सस्ते लोकल पावर बैंक में घटिया बैटरी विस्फोट का कारण.
- धूप में न रखें, चार्जिंग के समय उपयोग टालें.
- गलत चार्जर, ओवर चार्जिंग से बैटरी फूलकर फटती है.
आज के समय में पावर बैंक लोग काफी इस्तेमाल करते हैं. जब भी हम घर से बाहर लंबे सफर पर निकलते हैं या फिर ऑफिस के काम में बिजी रहते हैं. तो फोन की बैटरी का कुछ भरोसा नहीं होता इसलिए पावर बैंक का सहारा लेना ही पड़ता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस छोटी सी चीज को आप अपनी जेब या बैग में बेफिक्र होकर रखते हैं. वह कभी आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है.
आए दिन सोशल मीडियापर पावर बैंक फटने या उसमें आग लगने की घटनाएं देखने को मिल जाती हैं. लोगों को लगता है कि यह अचानक से खराब हो जाते हैं. जबकि ऐसा नहीं है बल्कि लगातार की जाने वाली गलतियों के चलते ऐसा हो जाता है. इसलिए अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखने हैं और इन गलतियों से बचते हैं तो आप और आपका पाॅवर बैंक दोनों सेफ रहेंगे.
लोकल और सस्ते पावर बैंक खरीदने की गलती
अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में बाजार से बिना सोचे-समझे सस्ते और लोकल ब्रांड के पावर बैंक खरीद लेते हैं. जब मार्केट में कोई अच्छा ब्रांडेड पावर बैंक महंगा मिलता है. तो बहुत से लोग बचत करने के चक्कर में ऑनलाइन भी सस्ते चीनी पावर बैंक मंगा लेते हैं. इन सस्ते गैजेट्स में अंदर इस्तेमाल होने वाली बैटरी की क्वालिटी बेहद घटिया होती है और उनमें कोई प्रॉपर सर्किट प्रोटेक्शन भी नहीं दिया होता है.
ऐसे पावर बैंक में जरा सा भी शॉर्ट सर्किट होने और थोड़ा सा ओवरलोड बढ़ने पर बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. जो आगे चलकर ब्लास्ट की वजह बन जाता है. इसलिए हमेशा किसी भरोसेमंद और अच्छी कंपनी का ही पावर बैंक खरीदना चाहिए. भले ही उसके लिए थोड़े ज्यादा पैसे क्यों न खर्च करने पड़ें. क्योंकि जान है तो जहान है.

धूप में रखना और चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल करना
बहुत से लोग जाने-अनजाने में पावर बैंक को गलत जगह पर रख देते हैं और चार्जिंग के वक्त उसका इस्तेमाल करते हैं. कई बार लोग जल्दबाजी में पावर बैंक को कार के डैशबोर्ड पर या फिर ऐसी जगह छोड़ देते हैं. जहां सीधे तेज धूप पड़ती रहती है. गर्मियों के दिनों में जब गाड़ी का तापमान बढ़ता है. तो धूप में रखा पावर बैंक अंदर से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और लिथियम-आयन बैटरी का तापमान सहने की क्षमता खत्म होने पर वह फट सकता है.
इसके अलावा कुछ लोगों की आदत होती है कि वे पावर बैंक को खुद चार्जिंग पर लगाकर उसी से अपना फोन भी चार्ज करने लगते हैं और फिर पावर बैंक से फोन चार्ज करते हुए उसपर हेवी गेमिंग या वीडियो स्ट्रीमिंग करने लगते हैं. इस डबल प्रेशर की वजह से बैटरी और उसके अंदर का सर्किट बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और इंटरनल कंपोनेंट्स पिघलने लगते हैं. जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है.

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खराब चार्जर और लंबे समय तक प्लग में लगाए रखना
सबसे खतरनाक आदत यह है कि लोग पावर बैंक को चार्ज करने के लिए किसी भी लोकल एडाप्टर का इस्तेमाल करते हैं या फिर उसे फुल चार्ज होने के बाद भी घंटों तक बिजली के बोर्ड में ही प्लग इन छोड़ देते हैं. हर पावर बैंक के साथ एक तय एम्पीयर और वोल्टेज का स्पेसिफिकेशंस होता है. लेकिन लोग फोन वाले किसी भी तेज चार्जर से उसे रातभर के लिए चार्जिंग पर लगा देते हैं. जब पावर बैंक पूरा 100 परसेंट चार्ज हो जाता है और उसके बाद भी उसमें लगातार करंट जाता रहता है.
तो ओवरचार्जिंग की वजह से अंदर की बैटरी फूलने लगती है. बैटरी फूलने का मतलब होता है कि उसके अंदर गैस बनने लगी है और वह किसी भी वक्त फट सकती है. इसके अलावा फटी हुई और डैमेज हो चुकी केबल का इस्तेमाल करना भी आग लगने की बड़ी वजह बनता है. हमेशा सही चार्जर का इस्तेमाल करें, बैटरी फुल होते ही उसे निकाल दें. अगर इन गलतियों से बचेंगे तो सेफ रहेंगे.
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