- अरुणाचल सरकार ने बैंक हड़ताल से पहले वेतन-पेंशन जारी किया.
- केंद्रीय कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को भी 25 सितंबर को वेतन मिला.
- बैंक कर्मचारी 28 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे.
- हड़ताल की वजह 5-दिवसीय कार्य सप्ताह व PLI योजना का विरोध है.
बैंक कर्मचारियों की 28 सितंबर से तीन-दिवसीय हड़ताल को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने सितंबर महीने की सैलरी और पेंशन समय से पहले ही दिए जाने की जानकारी दी है.
संयुक्त सचिव (बजट) इकार बिरची की ओर से गुरुवार को जारी एक आदेश के अनुसार, सरकार ने नियमित कर्मचारियों के मासिक वेतन, आकस्मिक, अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के मेहनताने के अलावा पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए 25 सितंबर को राशि आहरित करने को मंजूरी दे दी है.
आने वाले दिनों में वीकेंड और हड़ताल के चलते बैंक लगातार 5 दिन तक बंद रह सकते हैं. ऐसे में बैंक बंद होने के कारण सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और बुजुर्गों की पेंशन न अटके इसलिए सरकार ने 25 सितंबर को ही सबको एडवांस पैसा देने का फैसला किया है. चूंकि पैसा तय समय से 5 दिन पहले मिल रहा है इसलिए अगर किसी कर्मचारी के वेतन में कोई कटौती या जोड़-घटाव बाकी रह जाएगा, तो उसे अगले महीने अक्टूबर की सैलरी में एडजस्ट कर लिया जाएगा.
केंद्रीय कर्मचारियों की भी आज आ जाएगी सैलरी
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले महालेखा नियंत्रक (Controller General of Accounts – CGA) द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के मुताबिक, सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सितंबर 2026 की सैलरी और पेंशन आज यानी 25 सितंबर 2026 को ही उनके बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दी जाएगी.
क्यों हड़ताल पर जा रहे बैंक कर्मचारी?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले 28 से 30 सितंबर 2026 को बुलाई गई गई इस हड़ताल के पीछे कई कारण हैं:-
5- डे वर्किंग वीक- अभी बैंकों में रविवार के अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है. बैंक कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एलआईसी (LIC) की तरह हर शनिवार को पूरी छुट्टी मिले. मार्च 2024 के वेतन समझौते में इस पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई मंजूरी नहीं मिलने की वजह से मामला अधर में लटका हुआ है.
PLI स्कीम का विरोध- कर्मचारी सरकार द्वारा संशोधित ‘परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) योजना को लागू करने के निर्देश का भी विरोध कर रहे हैं. इसमें सीनियर लेवल के अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच इंसेन्टिव को लेकर भारी असमानता है. बैंक यूनियन इसे अनुचित मान रहे हैं.
हालांकि, बैंक कर्मचारियों के विरोध के बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सितंबर 2026 में इस विवादित संशोधित PLI स्कीम को फिलहाल के लिए रोक दिया है. सरकार का कहना है कि आगामी द्विपक्षीय वार्ताओं में इस पर दोबारा विचार किया जाएगा.
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