UN में डोनाल्ड ट्रंप बोले- मैंने टैरिफ लगाकर 8 जंग रुकवाईं


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान दुनियाभर में 8 जंग रुकवाने का दावा करते हुए, ईरान को आड़े हाथों लिया. उन्होंने ईरान को सीधी धमकी देते हुए, समझौता करने को कहा है. साथ ही कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया तो तबाह कर देंगे. ट्रंप ने कहा कि मेरे सामने एक बड़ा फैसला है. अमेरिका के पास दो रास्ते हैं. पहला ईरान के साथ समझौता करना या दूसरा- उसे खत्म कर देना. इस दौरान वहां मौजूद तेहरान का डेलीगेशन भाषण के बीच से वॉक आउट कर गया.

ट्रंप ने कहा कि उन्हें दोबारा लोगों को मारने का मौका नहीं देंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ यूएन से आर्थिक नाकेबंदी करने की अपील की. इसके अलावा वेनेजुएला, गाजा, भारत-पाकिस्तान, आर्मेनिया-अजरबैजान के संघर्ष का भी जिक्र करते हुए कहा कि टैरिफ लगाकर दुनियाभर की 8 जंग खत्म करवाईं हैं.

हालांकि, तेहरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने शांति कायम की है. ईरान से लड़ाई लगभग खत्म हो चुकी है, उनका मकसद परमाणु हथियार बनाने से रोकना था.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सेशन में भाषण देने पहुंचे थे. यूएन मुख्यालय पहुंचकर उन्होंने भाषण से पहले मीडिया से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नाम संदेश देते हुए, युद्ध खत्म करने की अपील भी की थी. 

वॉशिंगटन ने ईरान को आतंक फैलाने से रोकने पर कदम उठाए: ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान का जिक्र करते हुए कहा, ‘भले ही ईरान दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है, ताकत बढा़ने पर जोर दे रहा है, लेकिन वॉशिंगटन ने उसे आतंक फैलाने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं. अमेरिका ने ईरान को बैलिस्टिक मिसाइल शील्ड की आड़ में परमाणु बम बनाने की कोशिशि से रोका है. अगर वे कामयाब हो जाते, तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए आजाद हो जाता.’

इसके अलावा राष्ट्रपति ने कहा कि हम लगभग हर चीज में सबसे आगे हैं.अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है. बिना बुलाए कोई अंदर नहीं आ सकता है. 51 सालों से ईरानी सरकार खून खराबे और बड़े पैमाने पर हत्याओं के जरिए राज कर रही है. पूरे मीडिल ईस्ट और उसके बाहर मौत, तबाही और अफरा-तफरी फैला रही है. वे मीडिल ईस्ट में दादागिरी करने वाले थे, लेकिन अब वे ऐसे नहीं रहे. पिछले साल पद संभालने के बाद मैंने तुरंत ईरान के साथ बातचीत शुरू की. उन्हें अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम और आतंकवाद के खिलाफ समर्थन करने के बदले पूरा आर्थिक सहयोग देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने साफ मना कर दिया. यह एक बड़ी गलती थी. 

‘ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में साथ दें’

इसके अलावा ट्रंप ने ईरान को आर्थिक रूप से बॉयकॉट करने की अपील करते हुए कहा है कि सभी देश ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ दें. तेहरान को तबतक अलग-थलग रखा जाना चाहिए, जबतक वे कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद न कर दें. न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाएं छोड़ न दें. आतंकवाद का समर्थन बंद न कर दें. आतंकवादी सरकार बुरा बर्ताव इसलिए कर रही है क्योंकि वे मजबूत और आत्मविश्वासी नहीं है. बल्कि इसलिए कि वे कमजोर और हताश हैं. अगर हम एकजुट रहें, तो हम जल्द ही ईरानी आतंकवाद के पिछले 51 सालों के खतरे से मुक्त दुनिया देखेंगे. 

दूसरों ने शांति की बातें की, मैंने उसे हकीकत बनाया: ट्रंप

ट्रंप ने कहा, ‘अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने अहम नेशनल इंटरेस्ट की रक्षा के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा. दूसरे लोगों ने सिर्फ बातें की हैं. मैंने काम करके दिखाया है.’

इसके अलावा ट्रंप ने कहा, ‘दूसरों ने शांति की बातें की, मैंने उसे हकीकत बनाया. पिछले साल दोबारा सत्ता में आने के बाद से ट्रंप प्रशासन ने ईरान और वेनेजुएला की सरकारों पर हमले किए हैं. साथ ही अफ्रीका और मीडिल ईस्ट में टेररिज्म विरोधी कार्रवाई के नाम पर अमेरिकी हमलों को भी तेज किया है.’

ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान को लेकर बड़ा फैसला लेना है, लेकिन यह फैसला अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद लिया जाएगा. ईरान शायद यह देख रहा है कि वह मध्यावधि चुनाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. 

‘हमने गाजा युद्ध खत्म कर हजारों जानें बचाईं’

ट्रंप ने कहा, ‘हमने गाजा के सभी बंधकों को, चाहे वे जिंदा हो या मृत वापस घर पहुंचाया. पिछली बार यूएन जनरल असेंबली को संबोधित किया था, तब गाजा में युद्ध बहुत बुरी तरह चल रहा था. बंधक हमास की सुरंगों में गहरे छिपे हुए थे. इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा था. ऐसा लग रहा था कि यह कभी सुलझ नहीं पाएगा. लेकिन यहां जनरल असेंबली के दौरान हमने वे शुरुआती कदम उठाए, जिन्होंने सबकुछ बदल दिया. कुछ हफ्तों बाद हमने गाजा में युद्ध खत्म किया. हजारों जानें बचाईं.’

अमेरिका का कोई मुकाबला नहीं: ट्रंप

इससे पहले ट्रंप ने अपने भाषण के शुरुआत में कहा था कि हमारी इकॉनोमी दुनिया के लिए एक मिसाल है. हमारी सेना दुनिया में पावरफुल है, हमारी टेक्नोलॉजी का कोई मुकाबला नहीं. हम लगभग हर सेक्टर में आगे हैं. दो साल पहले हमारा देश खत्म हो रहा था, लेकिन अब दुनिया का सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है.