बदन पर बुर्का और हाथ में गणपति… वायरल होने के चक्कर में कर दिया कांड

बदन पर बुर्का और हाथ में गणपति… वायरल होने के चक्कर में कर दिया कांड


सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए लोग आजकल क्या-क्या नहीं करते। कभी कोई अजीब स्टंट करता है तो कोई ऐसा कंटेंट बना देता है, जिसे देखकर लोग तारीफ से ज्यादा सवाल करने लगते हैं। अब मुंबई से सामने आए एक वीडियो ने भी कुछ ऐसा ही माहौल बना दिया है. वीडियो में बुर्का पहने एक महिला गणपति बप्पा की मूर्ति लेकर सड़क पर घूमती नजर आ रही है. उसके साथ एक शख्स भी दिखाई देता है और दोनों इस पूरे नजारे का वीडियो बनाते नजर आते हैं. वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर यह सिर्फ एक रील थी या इसके पीछे लोगों का ध्यान खींचने की सोची-समझी कोशिश थी.

बुर्का पहन गणपति की मूर्ति लेकर निकली महिला

वायरल वीडियो में एक महिला बुर्का पहने हुए दिखाई देती है. उसके साथ एक शख्स स्कूटर पर नजर आता है, जबकि गणपति बप्पा की सजी हुई मूर्ति भी साथ रखी गई है. दोनों सड़क और भीड़भाड़ वाली जगहों से गुजरते दिखाई देते हैं. वीडियो को देखकर साफ लगता है कि इस पूरे नजारे को कैमरे में रिकॉर्ड किया जा रहा था. सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी में इसे मुंबई के बोरीवली का बताया जा रहा है, हालांकि वायरल दावों से जुड़ी हर जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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रील बनाने के लिए किया गया पूरा सेटअप?

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि महिला का नाम अनामिका सिंह और उसके साथ मौजूद युवक का नाम दिलीप कुमार पांडेय है. दावा है कि दोनों मिलकर वीडियो और रील बनाते हैं और इसी तरह का कंटेंट तैयार करने के लिए महिला ने बुर्का पहना था. इसके बाद गणपति की मूर्ति लेकर अलग-अलग जगहों पर वीडियो बनाए गए। हालांकि, इस पूरे मामले में दोनों की मंशा क्या थी और वीडियो बनाने के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह अभी सामने नहीं आया है.इसलिए वायरल दावों को दावे के तौर पर ही देखना सही होगा.

धार्मिक पहचान को कंटेंट का हिस्सा बनाने पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद मामला सिर्फ एक रील तक सीमित नहीं रहा. सोशल मीडिया पर लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि धार्मिक पहचान और धार्मिक प्रतीकों को केवल वायरल कंटेंट के लिए इस्तेमाल करना कितना सही है. कुछ लोग इसे सिर्फ एक रील और क्रिएटिव कंटेंट मान रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसे वीडियो समाज में गलत संदेश दे सकते हैं. कई लोगों की राय यह भी रही कि व्यूज और वायरलिटी के लिए किसी धर्म की पहचान या पहनावे को इस तरह कंटेंट का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए.

लोगों ने कहा- वायरल होने की भी लिमिट

वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे देखकर हैरान हैं कि आखिर रील के लिए इतना अलग तरीका अपनाने की जरूरत क्यों पड़ी. वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान खींचना था, तो धार्मिक प्रतीकों को बीच में लाने के बजाय कोई अलग कंटेंट भी बनाया जा सकता था. कुछ लोग इसे बेवजह का विवाद मान रहे हैं, जबकि दूसरे इसे सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ का उदाहरण बता रहे हैं. यानी वीडियो ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि व्यूज के लिए कंटेंट बनाते समय क्रिएटर्स को आखिर कितनी सावधानी बरतनी चाहिए.

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