यूपी में दो सगे भाई ऐसे बने IPS और IAS, एक प्रयागराज तो दूसरा कौशांबी का DM

यूपी में दो सगे भाई ऐसे बने IPS और IAS, एक प्रयागराज तो दूसरा कौशांबी का DM


अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब और लुधियाना के रहने वाले हैं. दोनों का बचपन और शुरुआती पढ़ाई भी लुधियाना में हुई. उनके पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी भाषा के लेक्चरर रहे. उनके पिता को बच्चों के पढ़ाई के लिए मुफ्त मार्गदर्शन देने और सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाने जाते हैं. वहीं मां प्रेम शर्मा ने परिवार और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली.

अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब और लुधियाना के रहने वाले हैं. दोनों का बचपन और शुरुआती पढ़ाई भी लुधियाना में हुई. उनके पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी भाषा के लेक्चरर रहे. उनके पिता को बच्चों के पढ़ाई के लिए मुफ्त मार्गदर्शन देने और सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाने जाते हैं. वहीं मां प्रेम शर्मा ने परिवार और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली.

दोनों भाइयों ने पढ़ाई में आगे बढ़ते हुए मेडिकल क्षेत्र को चुना. बड़े भाई अजय पाल शर्मा ने डेंटल सर्जरी की डिग्री की, जबकि छोटे भाई अमित पाल शर्मा ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में एमबीबीएस किया. डॉक्टर बनने के बाद दोनों ने अपने करियर को एक नया मोड़ दिया और यूपीएससी की तैयारी शुरू की.

दोनों भाइयों ने पढ़ाई में आगे बढ़ते हुए मेडिकल क्षेत्र को चुना. बड़े भाई अजय पाल शर्मा ने डेंटल सर्जरी की डिग्री की, जबकि छोटे भाई अमित पाल शर्मा ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में एमबीबीएस किया. डॉक्टर बनने के बाद दोनों ने अपने करियर को एक नया मोड़ दिया और यूपीएससी की तैयारी शुरू की.

डॉ अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. मेडिकल बैकग्राउंड होने के कारण उन्हें पुलिस महकमे में डॉक्टर कॉप के नाम से भी जाना जाता है. अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाली.

डॉ अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. मेडिकल बैकग्राउंड होने के कारण उन्हें पुलिस महकमे में डॉक्टर कॉप के नाम से भी जाना जाता है. अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाली.

शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर में काम करने के बाद प्रयागराज में भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली. अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिसिंग के लिए उनकी पहचान बनी. प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के नेटवर्क के खिलाफ हुई कार्रवाई में भी उनकी भूमिका का जिक्र किया जाता है. इसी कार्यशैली के चलते उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान मिली.

शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर में काम करने के बाद प्रयागराज में भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली. अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिसिंग के लिए उनकी पहचान बनी. प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के नेटवर्क के खिलाफ हुई कार्रवाई में भी उनकी भूमिका का जिक्र किया जाता है. इसी कार्यशैली के चलते उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान मिली.

वहीं अजय पाल शर्मा के छोटे भाई डॉक्टर अमित पाल शर्मा 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूपीएससी की राह चुनी और प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई. आईएएस बनने के बाद उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया. वे गाजियाबाद में एसडीएम, सदर सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी और मेरठ के नगर आयुक्त रह चुके हैं.

वहीं अजय पाल शर्मा के छोटे भाई डॉक्टर अमित पाल शर्मा 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूपीएससी की राह चुनी और प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई. आईएएस बनने के बाद उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया. वे गाजियाबाद में एसडीएम, सदर सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी और मेरठ के नगर आयुक्त रह चुके हैं.

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली. महाकुंभ 2025 की तैयारी के दौरान प्रयागराज में विकास कार्य और भीड़ प्रबंधन से जुड़े कामों में उनकी भूमिका रही. अब अमित पाल शर्मा कौशांबी के जिला अधिकारी के रूप में जिले का प्रशासनिक काम संभाल रहे हैं.

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली. महाकुंभ 2025 की तैयारी के दौरान प्रयागराज में विकास कार्य और भीड़ प्रबंधन से जुड़े कामों में उनकी भूमिका रही. अब अमित पाल शर्मा कौशांबी के जिला अधिकारी के रूप में जिले का प्रशासनिक काम संभाल रहे हैं.

एक ही परिवार के दोनों भाइयों का पहले मेडिकल की पढ़ाई करना और फिर यूपीएससी के जरिए अलग-अलग प्रशासनिक सेवा में पहुंचना, उनकी मेहनत टारगेट के लिए दृढ़ता को दिखाता है. एक भाई पुलिस सेवा में जाकर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहा है, तो दूसरा प्रशासनिक सेवा में जिलाधिकारी के रूप में काम कर रहा है. ऐसे में इन दोनों भाइयों की कहानी अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ रही है.

एक ही परिवार के दोनों भाइयों का पहले मेडिकल की पढ़ाई करना और फिर यूपीएससी के जरिए अलग-अलग प्रशासनिक सेवा में पहुंचना, उनकी मेहनत टारगेट के लिए दृढ़ता को दिखाता है. एक भाई पुलिस सेवा में जाकर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहा है, तो दूसरा प्रशासनिक सेवा में जिलाधिकारी के रूप में काम कर रहा है. ऐसे में इन दोनों भाइयों की कहानी अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ रही है.

Published at : 15 Sep 2026 11:11 AM (IST)

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