जल्दी Ride चाहिए तो एक्स्ट्रा पैसे दो, Rapido पर CCPA ने ठोका 10 लाख का जुर्माना

जल्दी Ride चाहिए तो एक्स्ट्रा पैसे दो, Rapido पर CCPA ने ठोका 10 लाख का जुर्माना


केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने रैपिडो चलाने वाली कंपनी Roppen Transportation Services पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. सीसीपीए ने रैपिडो के राइड बुकिंग इंटरफेस में मिसलीडिंग प्रॉम्प्ट्स, अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिसिज़ और डार्क पैटर्न्स पाए हैं. 

सीसीपीए के मुताबिक रैपिडो पर राइड बुक करते समय ग्राहकों को ऐसे मैसेज दिखाए गए, ‘Higher the price, higher the chance of getting a राइड” और ‘Captains aren.t accepting at 60. Try adding +10, +20, +30.” यानी पहले एक किराया दिखाया गया और बुकिंग के दौरान ग्राहक को ज्यादा पैसे देने के लिए प्रेरित किया गया. 

इसे ‘Confirm Shaming’ क्यों माना गया?

सीसीपीए का कहना है कि इस तरह के प्रॉम्प्ट्स से ग्राहक को यह डर महसूस हो सकता है कि अगर उसने ज्यादा पैसे नहीं दिए तो उसे राइड नहीं मिलेगी या राइड मिलने में देरी होगी. इसी वजह से सीसीपीए ने इसे ‘Confirm Shaming’ नाम का डार्क पैटर्न माना. इसमें इंटरफेस ग्राहक पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर उसे ज्यादा पैसे देने की तरफ धकेलता है.

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Pricing स्लाइडर में भी गड़बड़ी

रैपिडो के ‘Set your price” स्लाइडर को लेकर भी सीसीपीए ने आपत्ति जताई. ज्यादा किराया बढ़ाने पर Green कलर में ‘higher chance of getting a राइड’ दिखाया गया. कम किराया करने पर Red/Orange warning दिखाई गई. इतना ही नहीं स्लाइडर में कीमत बढ़ाने के लिए ज्यादा जगह दी गई जबकि घटाने के लिए कम जगह थी.

सीसीपीए ने इसे ‘इंटरफेस इंटरफेरेंस’ नाम का दूसरा डार्क पैटर्न माना यानी एप का डिजाइन ही ग्राहक को ज्यादा कीमत चुनने की तरफ प्रभावित कर रहा था.

एडवांस टिप पर भी सीसीपीए की आपत्ति

सीसीपीए ने कहा कि टिप सामान्य तौर पर सर्विस मिलने के बाद दी जाने वाली वॉलेंट्री पेमेंट होता है, इसलिए राइड शुरू होने से पहले इसे इस तरह पेश नहीं किया जा सकता कि ज्यादा पैसे देने से राइड मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.

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सीसीपीए ने Motor Vehicle Aggregator Guidelines 2025 का भी हवाला दिया जिनके मुताबिक टिप्पिंग फीचर राइड पूरी होने के बाद उपलब्ध होना चाहिए, बुकिंग के समय या राइड के दौरान नहीं.

रैपिडो ने कहा था कि एक्स्ट्रा पेमेंट वॉलेंट्री है और उसका मेचिंग एल्गोरिथम इस पेमेंट पर निर्भर नहीं करता लेकिन सीसीपीए ने कहा कि रैपिडो ने ऐसा कोई डेटा नहीं दिया, जिससे यह साबित हो कि ज्यादा पैसे देने से राइड मिलने की संभावना वास्तव में बढ़ती है.

Uber और Ola पर भी जांच जारी

सीसीपीए की कार्रवाई सिर्फ रैपिडो तक सीमित नहीं है. अथोरिटी ने उबर, ओला, रैपिडो और Namma Yatri समेत कई राइड-hailing platforms की एडवांस टिप्पिंग और डार्क पैटर्न प्रेक्टिसिज की जांच की है. उबर और ओला की जांच अभी जारी है.