- अज्ञात ऐप डाउनलोड न करें, तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत करें.
साइबर ठगी के मामले अब सिर्फ बैंक अकाउंट या UPI तक सीमित नहीं रह गए हैं. ठग लोगों की जमा पूंजी तक पहुंचने के नए तरीके अपना रहे हैं. भोपाल में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां 61 वर्षीय बुजुर्ग की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए. रकम ट्रांसफर होने के दौरान व्यक्ति के मोबाइल पर कोई OTP नहीं आया. उन्होंने अपना पासवर्ड, PIN, CVC या बैंकिंग से जुड़ी कोई जानकारी भी किसी के साथ शेयर नहीं की थी. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर FD से इतनी बड़ी रकम कैसे निकल गई.
तीन ट्रांजेक्शन में निकले 5.99 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, भोपाल की अफकार कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय शरीफ अहमद कुरैशी का ICICI बैंक की अशोका गार्डन शाखा में सेविंग अकाउंट और FD है. 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे के बीच उनकी FD से नेट बैंकिंग के जरिए तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए. इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5,99,009.62 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए.
रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद शरीफ अहमद ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की. इसके बाद साइबर सेल से मिली ई-जीरो FIR के आधार पर ऐशबाग पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
एफडी खाते में नेटबैंकिंग नहीं होती तो ठगी कैसे हुई?
FD की अलग नेट बैंकिंग नहीं होती है, लेकिन वह बैंक के सेविंग अकाउंट से जुड़ी होती है. अगर FD मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए बनाई गई है, तो उसे उसी ऐप से तोड़ा भी जा सकता है. ठग इसी प्रक्रिया का फायदा उठा सकते हैं. साइबर और बैंकिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जालसाज रिफंड या पैसे वापस दिलाने जैसे बहाने बनाकर ग्राहक को अपने जाल में फंसाते हैं. इसके बाद मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाते हैं और बैंकिंग ऐप खोलने के लिए कहते हैं.
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ठगों को कैसे मिल रहा आपके मोबाइल ऐप का एक्सेस?
ठग आमतौर पर सीधे बैंकिंग ऐप का एक्सेस नहीं लेते, बल्कि ग्राहक को रिफंड, पैसे वापस दिलाने या किसी दूसरी वजह का झांसा देकर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाते हैं. इसके बाद ग्राहक से बैंकिंग ऐप खोलने और बताए गए स्टेप्स करने के लिए कहते हैं. स्क्रीन शेयर होने पर ठग मोबाइल पर दिखाई देने वाली बैंकिंग जानकारी देख सकते हैं, जिसमें खाते में मौजूद रकम और FD की जानकारी भी शामिल हो सकती है. इसके बाद इसी जानकारी का फायदा उठाकर FD तोड़ने और रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं.
साइबर ठगी से बचने के तरीके क्या हैं?
1. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई भी स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें.
2. रिफंड के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर से संपर्क करने की जगह बैंक या कंपनी की ऑथोराइज्ड ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें.
3. किसी के कहने पर बैंकिंग ऐप खोलकर PIN भी न डालें.
4. अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और बैंक से संपर्क करें.
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