
मंगलवार होने के कारण भौम प्रदोष में शिव पूजा के साथ मंगल ग्रह की शांति की कामना की जाती है. कुंडली में मंगल से जुड़े दोषों से मुक्ति के लिए इस दिन शिव जी को एक मुठ्ठी मसूर की दाल अर्पित करें.

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 सितंबर 2026 को दोपहर 2.42 से 9 सितंबर को दोपहर 12.30 तक रहेगी. पूजा का मुहूर्त शाम 6.35 से रात 8.52 तक रहेगा.

भौम प्रदोष को कर्ज और आर्थिक संकट से मुक्ति की कामना के लिए महत्वपूर्ण माना गया है. जो लोग ऑफिस जाते हैं और प्रदोष व्रत का पालन करते हैं वह व्रत का संकल्प लेकर महादेव का अभिषेक करें. दिनभर सात्वारिक आचरण करें.

शाम को ऑफिस से आने के बाद दोबारा शिव जी की पूजा करें. इसके बाद व्रत का पारण कर सकते हैं. नौकरीपेशा अगर शाम को अभिषेक न कर पाएं, एक बेलपत्र शिव को को चढ़ाकर,घी का दीपक लगाकर भोग लगा सकते हैं और फिर व्रत खोलें.

धन-संपत्ति में वृद्धि के लिए प्रदोष व्रत के दिन सवा किलो साबुत चावल और कुछ मात्रा में दूध लेकर शिव मंदिर में दान करें. मान्यता है इससे धन आवक बढ़ती है.

अगर आप किसी मुकदमे में फंसे हैं और उसके चलते आपकी परेशानियां घटने के बजाय बढ़ती जा रही हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन धतूरे के पत्ते को पहले साफ पानी से धो लें, फिर उन्हें दूध से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें.
Published at : 08 Sep 2026 05:30 AM (IST)
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Shiv Ji Bhaum Pradosh Vrat 2026





