MCD स्कूलों में शिक्षा और खेल का नया मॉडल: 24 स्कूल बनेंगे ‘निगमश्री’

MCD स्कूलों में शिक्षा और खेल का नया मॉडल: 24 स्कूल बनेंगे ‘निगमश्री’


दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों के साथ-साथ पैरेंट्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. नगर निगम की तरफ से सामने आई जानकारी के अनुसार तीन नई पहल शुरू करने की तैयारी है.  इनमें प्री प्राइमरी बच्चों की पढ़ाई में माता-पिता को जोड़ने की योजना, 12 जोन में 24 बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना और अंडर 9, अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग आयोजित करना शामिल है. निगम के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य केवल स्कूलों की सुविधाओं में सुधार करना नहीं, बल्कि स्कूल, शिक्षक, पेरेंट्स और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाकर बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है. 

प्रतिभागिता से घर तक पहुंचेगी पढ़ाई 

दरअसल MCD शिक्षा विभाग प्रतिभागिता नाम से पहले शुरू कर रहा है. इसके लिए रॉकेट लर्निंग नाम के एनजीओ के साथ सहयोग किया गया है. इस योजना में तकनीकी के जरिए अभिभावकों तक बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, जरूरी सूचनाएं और शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने वाले मैसेज भेजे जाएंगे. प्राइमरी बच्चों के माता-पिता को घर पर बच्चों के साथ कराई जाने वाली खेल आधारित एक्टिविटी भेजी जाएगी. ऑडियो-वीडियो के जरिए माता-पिता को बताया जाएगा बच्चों की शुरुआती शिक्षा में वह किस तरह मदद कर सकते हैं. वहीं स्कूल की एक्टिविटी और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी नियमित रूप से पेरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इसमें बच्चों से जुड़ी जरूरी सूचनाएं पेरेंट्स को दी जाएगी. MCD की योजनाओं और स्कूल से जुड़े अपडेट शेयर किए जाएंगे. इसके अलावा नियमित संवाद के जरिए स्कूल और परिवार के बीच संबंध मजबूत करने पर भी जोर रहेगा. 

12 जोन में बनेंगे 24 निगमश्री स्कूल 

MCD  के करीब 7 लाख बच्चों वाले शहरी प्राथमिक शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए 24 निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे. एमसीडी के 12 जोन में से प्रत्येक जोन से दो बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल इसमें चुने जाएंगे. इन स्कूलों को दूसरे स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में भी विकसित किया जाएगा.  

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चुने गए स्कूलों की यह होगी खासियत

हर एक चुने गए निगमश्री स्कूल को आसपास के 3 से 5 MCD  स्कूलों के लिए अकेडमिक सहयोगी केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा. यहां एक्टिविटी आधारित पढ़ाई पर जोर होगा और कक्षा 3 तक बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी क्षमता मजबूत करने का टारगेट रखा गया है. हर निगम श्री स्कूल में कम से कम दो स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की जाएगी. इसके अलावा परिसर को बच्चों के अनुकूल और हरा भरा बनाने के साथ दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा. वहीं प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए नियमित ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी. शिक्षकों को हर साल कम से कम 50 घंटे का प्रोफेशनल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी. पेरेंट्स, पूर्व छात्रों और समुदाय को जोड़ने के लिए विद्यांजलि जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल भी किया जाएगा. 

अंडर 9 और अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग 

शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए MCD मिनी लीग भी शुरू करेगा. शुरुआत में अंडर 9 और अंडर 11 आयु वर्ग के बच्चों पर फोकस रहेगा. इसके लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट डेवलपमेंट सोसाइटी के साथ साझेदारी की जा रही है. लीग में फुटबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिता के साथ बच्चों की शारीरिक फिटनेस का आकलन भी किया जाएगा. मैच और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा और बच्चों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. MCD  के शारीरिक शिक्षा शिक्षक और नोडल शिक्षक स्थानीय कोच और तकनीकी सहयोगी के तौर पर जुड़ेंगे.

इसके लिए मौजूदा MCD  खेल मैदान का इस्तेमाल किया जाएगा. सीएसआर के जरिए खेल किट, डिवाइस और छात्रवृत्ति जुटाने की योजना भी है. निगम के अनुसार इस पहल के तहत 1400 से ज्यादा MCD  छात्रों को दिल्ली एनसीआर की खेल अकादमियों के 4500 से ज्यादा बच्चों के साथ कंपटीशन करने का मौका मिलेगा. वहीं इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस से जुड़ा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे फ्यूचर में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान और उनकी प्रगति पर नजर रखना आसान होगा.

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