वॉशिंगटन और ओटावा के बीच बातचीत टूटने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि वे खराब ट्रेड डील की वजह से बातचीत से हट गए और उन्होंने शनिवार को अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने की बात कही. कार्नी ने दावा किया कि अमेरिका ने जो नई शर्तें रखीं वे आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं और अनुचित थीं.
अमेरिकी शर्तों को लेकर कार्नी ने कहा, “इनसे कनाडा को होने वाले कुल फायदों को नुकसान पहुंचता. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ट्रेड वॉर शुरू करने का आरोप लगाया और कहा कि जब आप पर हमला होता है, तो आप युद्ध की स्थिति में होते हैं. हम पर हमला हुआ है.”
क्या बोले मार्क कार्नी
कार्नी ने कहा, “उन्होंने जो पेशकश की है, हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते और उन्होंने जो मांगा है, हम वह नहीं देंगे.” पड़ोसी देशों के बीच शुक्रवार को वॉशिंगटन में बातचीत विफल हो गई, जिसके कारण लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिका को निर्यात होने वाले सामान पर 50 प्रतिशत का नया अमेरिकी टैरिफ लागू हो गया.
For over a year, Canada has worked intensively and in good faith with the United States to negotiate a new comprehensive trade deal. We have been pragmatic, patient, and persistent. Our goal has always been to get the best deal for Canadians, never a deal at any price or on any…
— Mark Carney (@MarkJCarney) August 22, 2026
इन प्रोडक्ट्स में हॉकी स्टिक से लेकर सीमेंट तक शामिल हैं. हालांकि ट्रंप ने कहा था कि कार्नी के साथ उनके अच्छे रिश्तों की वजह से अमेरिका, कनाडा के साथ ट्रेड डील कर पाएगा, लेकिन कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन की शर्तें आखिरकार मंज़ूर करने लायक नहीं थीं.
डॉलर-के-बदले-डॉलर से जवाब
कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ का जवाब डॉलर-के-बदले-डॉलर से देने की बात कहीं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “कनाडा अपने वर्कर्स, किसानों, परिवारों और बिज़नेस को बचाने के लिए अमेरिका के नए टैरिफ का जवाब ‘डॉलर-के-बदले-डॉलर’ के आधार पर देगा. हम यह कदम इस भरोसे के साथ उठा रहे हैं कि यह कनाडा के सबसे अच्छे हित में है.”
कनाडा के नए टैरिफ मुख्य रूप से अमेरिका के स्टील और डेयरी उद्योगों पर लागू होंगे और ये 8 सितंबर से प्रभावी होंगे. कार्नी ने कहा कि इस बारे में और जानकारी अगले हफ़्ते दी जाएगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने शुक्रवार को कहा कि वाशिंगटन ने कनाडा से रियायतें पाने के बदले स्टील, एल्युमीनियम, ऑटो और लकड़ी पर टैरिफ में बड़ी कटौती का प्रस्ताव दिया था.
किन चीजों पर राहत मांग रहा कनाडा
बता दें कि कनाडा ऑटो, स्टील और एल्युमीनियम पर ट्रंप के टैरिफ से राहत की मांग कर रहा है. इन टैरिफ ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, लोगों की नौकरियां छीनी हैं और उस व्यापारिक रिश्ते में तनाव पैदा किया है. व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया कि कनाडा ने अमेरिकी शराब, ऑटोमोबाइल और डेयरी उत्पादों पर ड्यूटी लगाकर उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया.
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