अफगान मूल की अमेरिकी नेता आयशा वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का विशेष चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है. 39 वर्षीय वहाब अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली अफगान-अमेरिकी बन गई हैं. यह चुनाव डेमोक्रेट एरिक स्वालवेल के खाली किए गए पद को भरने के लिए कराया गया था. वहाब ने डेमोक्रेट उम्मीदवार मेलिसा हर्नांडेज को हराया. चुनाव के अंतिम नतीजों में आयशा वहाब को 53.09 प्रतिशत वोट मिले, जबकि हर्नांडेज को 46.91 प्रतिशत वोट हासिल हुए.
चुनाव जीतने के बाद आयशा वहाब ने इसे अमेरिकी सपने की मिसाल बताया. उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर कांग्रेस तक का उनका सफर दिखाता है कि अमेरिका में आगे बढ़ने के मौके मौजूद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके जिले ने पहली बार किसी अफगान-अमेरिकी को कांग्रेस के लिए चुनकर इतिहास बनाया है.
अफगानिस्तान से अमेरिका तक का सफर
आयशा वहाब का परिवार सोवियत संघ के अफगानिस्तान पर हमले के दौरान देश छोड़कर अमेरिका आया था. उनके माता-पिता न्यूयॉर्क में बस गए थे, जहां 1987 में आयशा का जन्म हुआ. बचपन में ही उनके पिता की हत्या हो गई और कुछ समय बाद उनकी मां का भी निधन हो गया. इसके बाद आयशा और उनकी बड़ी बहन कुछ समय तक फोस्टर केयर सिस्टम में रहीं. करीब 9 साल की उम्र में उन्हें फ्रेमोंट के एक अफगान-अमेरिकी परिवार ने गोद ले लिया.
राजनीति में भी बनाया रिकॉर्ड
आयशा वहाब ने 2018 में हेवर्ड सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर अमेरिका में सार्वजनिक पद संभालने वाली पहली अफगान-अमेरिकी महिला होने का रिकॉर्ड बनाया था. इसके बाद 2022 में वह कैलिफोर्निया स्टेट सीनेट के लिए चुनी गईं और राज्य की पहली मुस्लिम महिला सीनेटर बनीं. राज्य सीनेटर रहते हुए वहाब ने कैलिफोर्निया में जाति के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाने वाला एक विधेयक पेश किया था. इस प्रस्ताव को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक हिस्से की ओर से कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. बिल कैलिफोर्निया की विधानसभा और सीनेट से पास हो गया था, लेकिन तत्कालीन गवर्नर गेविन न्यूसम ने इसे वीटो कर दिया.



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