दूसरे टेस्ट से बाहर होंगे कुलदीप यादव! इस 33 साल के खिलाड़ी को मिलेगा मौका


भारत ने पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को 165 रनों से हरा दिया था. 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम केवल 206 रनों पर ही सिमट गई थी. अब सीरीज का दूसरा मैच 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा, जहां भारत की प्लेइंग इलेवन में एक 33 वर्षीय स्टार गेंदबाज को जगह मिल सकती है. सारांश जैन कोलंबो में अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं.

गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया 3 स्पिनरों का कॉम्बिनेशन लेकर उतरी थी. कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मानव सुतार. सुतार ने अकेले ही मैच में 10 विकेट चटकाए, जबकि जडेजा ने दोनों पारियों में कुल 4 विकेट लिए और कुलदीप यादव सिर्फ एक विकेट ले पाए.

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिल 33 साल के सारांश जैन कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में खेल सकते हैं. उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है, जो गॉल की टर्निंग पिच पर भी सिर्फ एक विकेट ले पाए थे. कुलदीप ने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की, 103 रन दिए और सिर्फ एक विकेट लिया.

सारांश जैन मध्य प्रदेश से आते हैं और घरेलू क्रिकेट में भी इसी टीम के लिए खेलते हैं. अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने अब तक 188 विकेट लेने के साथसाथ 2223 रन भी बनाए हैं. वो बल्ले और गेंद दोनों से कमाल कर सकते हैं. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में साररअंश के नाम 2 शतक और 14 फिफ्टी भी हैं.

कौन हैं सारांश जैन?

सारांश जैन का जन्म 31 मार्च, 1993 को इंदौर में हुआ था. बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दायें हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी. उनके पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं. दरअसल सुबोध अपने बड़े बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे, लेकिन जब वहां बात नहीं बनी तो उन्होंने सारांश से उम्मीद लगाई. सारांश अब दूसरे टेस्ट में इंटरनेशनल डेब्यू कर अपने पिता का नाम रोशन कर सकते हैं.

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मध्य प्रदेश ने 2021-22 सीजन में रणजी ट्रॉफी का टाइटल जीता था. मध्य प्रदेश की उस यादगार जीत में सारांश जैन ने भी बहुमूल्य योगदान दिया था. उस सीजन उन्होंने 13 विकेट लिए और फाइनल में भी 57 रनों की बेहद अहम पारी खेली थी. उससे अगले सीजन सारांश ने 360 रन बनाए और 35 विकेट लिए. इस दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें रणजी ट्रॉफी में बेस्ट ऑलराउंडर के लिए लाल अमरनाथ अवॉर्ड भी मिला था.

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