देश की टॉप 500 कंपनियों में सिर्फ 9 फीमेल CEO और 25 MD, बोर्ड में भी महिलाओं की हिस्सेदारी कम

देश की टॉप 500 कंपनियों में सिर्फ 9 फीमेल CEO और 25 MD, बोर्ड में भी महिलाओं की हिस्सेदारी कम


भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन कॉरपोरेट जगत से आ रही रिपोर्ट ने जरा निराश कर दिया है. कॉरपोरेट के सबसे बड़े पदों पर अभी भी महिलाएं बहुत कम हैं. देश की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में सिर्फ 9 महिलाएं सीईओ और 25 महिलाएं मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर हैं. ये आंकड़ा बताता है कि बड़ी कंपनियों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी काफी कम है. ये जानकारी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई है.

कितनी महिलाएं बनीं सीईओ और एमडी?
सरकार के आंकड़े बताते हैं कि देश की 500 सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में सिर्फ 9 महिला सीईओ और 25 महिला एमडी हैं. यानी इन कंपनियों के बड़े पदों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में बेहद कम है. हालांकि कॉरपोरेट बोर्ड में महिलाओं की मौजूदगी बढ़ी है, लेकिन सीईओ और एमडी जैसे फैसले लेने वाले पदों तक पहुंचने में अभी भी बड़ा अंतर दिखाई देता है. आंकड़ों के मुताबिक इन टॉप 500 कंपनियों में 67 महिला ईडी और 22 महिला सीएफओ भी हैं.

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बोर्ड में कैसा हाल है?
सिर्फ सीईओ या एमडी का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि कंपनियों के बोर्ड में महिलाओं की संख्या भी इस तस्वीर को साफ कर देती है. सरकार के अनुसार देश में कुल 638 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और करीब 860 डायरेक्टर या बोर्ड मेंबर महिलाएं हैं. हालांकि मंत्रालय ने ये भी कहा है कि सरकार के पास ये बताने के लिए कोई ऑफिशियल स्टडी नहीं है कि महिलाएं सीईओ, एमडी या दूसरे बड़े पदों तक कम क्यों पहुंच रही हैं.

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महिला नेतृत्व बढ़ने से क्या होगा?
किसी कंपनी के सीईओ या एमडी का पद सिर्फ एक नौकरी नहीं होती है. ये ऐसे पद हैं जहां कंपनी की रणनीति, निवेश, कर्मचारियों और भविष्य की दिशा से जुड़े बड़े फैसले लिए जाते हैं. ऐसे में इन पदों पर महिलाओं की संख्या बढ़ने से कॉरपोरेट सेक्टर में अलग- अलग नजरिया को बढ़ावा मिलता है. इससे दूसरी महिलाओं को भी बड़े पदों तक पहुंचने के लिए मोटिवेशन मिलता है.