दिल्ली में ड्रोन नीति की तैयारी, 1000 से ज्यादा नई नौकरियों की राह खुलेगी 

दिल्ली में ड्रोन नीति की तैयारी, 1000 से ज्यादा नई नौकरियों की राह खुलेगी 


Delhi Govt Jobs: दिल्ली में ड्रोन से जुड़े क्षेत्र में रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करने की तैयारी है. दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ड्रोन नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और इसे अगले एक महीने के अंदर कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है. सरकार का टारगेट इस नीति के जरिए 1000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करना है. नीति में ड्रोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ रिसर्च, ट्रेंनिंग, टेस्टिंग और ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़े ढांचे को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.

कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार   

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि प्रस्तावित ड्रोन नीति तैयार है. फिलहाल यह अलग-अलग विभागों के बीच विचार विमर्श की प्रक्रिया में है. अधिकारियों के अनुसार मंत्री की मंजूरी के बाद नीति को कानूनी वित्त और दूसरे संबंधित विभागों के पास भेजा जाएगा. सरकार इसे एक महीने के अंदर कैबिनेट के सामने रख सकती है. यह प्रस्तावित नीति 5 साल के लिए होगी और इसके लिए 85 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसके तहत ड्रोन क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप और कारोबारी को सहायता देने की योजना है. ड्रोन और इससे जुड़ी तकनीक पर रिसर्च करने वाले शैक्षणिक संस्थाओं को भी समर्थन दिया जा सकता है.      

रिसर्च और टेस्टिंग पर जोर

नीति के तहत ड्रोन रिसर्च क्लस्टर, विशेष फ्लाइट टेस्टिंग सुविधाएं और सेंटर ऑफ एक्सी ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है. सरकार ड्रोन से जुड़े कारोबार और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और राज्य जीएसटी प्रतिपूर्ति जैसे प्रावधानों पर भी विचार कर रही है. ड्रोन के निर्माण, उड़ान और रखरखाव के लिए प्रशिक्षित लोगों की जरूरत को देखते हुए स्किल ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण देने की योजना पर विचार किया जा रहा है. स्कूलों में ड्रोन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और रिमोट पायलट ट्रेनिंग से जुड़े कार्यक्रम भी नीति का हिस्सा हो सकते हैं.      

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सरकारी कामों में बढ़ेगा इस्तेमाल 

प्रस्तावित नीति में ड्रोन के सरकारी और नागरिक इस्तेमाल के नए क्षेत्रों में की पहचान पर जोर दिया जाएगा इनमें पुलिसिंग, निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, आपदा प्रबंधन, जमीन का सर्वे, अतिक्रमण की पहचान और 3D मैपिंग जैसे काम शामिल है. यमुना क्षेत्र में भी ड्रोन के इस्तेमाल की संभावनाएं देखी जा रही है. इसके अलावा रियल एस्टेट, टेलीकॉम और मीडिया क्षेत्र में ड्रोन के व्यावसायिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है.     

सुरक्षा और नियमों का भी ध्यान    

सरकार ड्रोन के सुरक्षित और नियंत्रित इस्तेमाल के लिए मौजूदा नियमों के तहत व्यवस्था विकसित करेगी. नीति में ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने, निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने के साथ डीजीसीए के डिजिटल स्काई प्लेटफार्म के साथ बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया जाएगा.

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