ईरान ने US से की हमले न करने की मिन्नतें? ट्रंप के दावे पर तेहरान का जवाब


अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है. समझौता होने के बाद भी अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए हैं, जिनका जवाब तेहरान की ओर से भी दिया जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका से आगे कोई हमला न करने की अपील की है. हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि देश हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार (1 अगस्त 2026) को डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को गलत बताया कि ईरान ने अमेरिका से नए हमले रोकने की मांग की थी. एजेंसी ने कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई से साफ है कि उसने अमेरिका के सामने किसी भी तरह की विनती नहीं की है. सैन्य अधिकारियों के हवाले से मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि यह दावा एक नया झूठ है. अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर है और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

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ईरान के खिलाफ  कार्रवाई करने के लिए तैयार- ट्रंप 

ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे भी कार्रवाई करने के लिए तैयार है, लेकिन तेहरान और मिडिल ईस्ट के कुछ अन्य देशों ने उनसे नए हमले रोकने की अपील की है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह फैसला ईरान के साथ किसी संभावित समझौते की स्थिति में लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि इसमें होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा. इसके जवाब में रविवार को ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी वार्ताकारों के करीबी एक सूत्र के हवाले से कहा कि जब तक अमेरिका अपनी दुश्मनी भरी गतिविधियां जारी रखेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा.

ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कड़ा कंट्रोल

रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ा कंट्रोल कर रखा है. वहां से गुजरने वाले जहाजों को पहले अनुमति लेनी पड़ती है और ट्रांजिट फीस भी देनी होती है. ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका की धमकियों, कथित अवैध सैन्य हमलों और समुद्री दबाव का डटकर मुकाबला करता रहेगा. उसने कहा कि आत्मरक्षा के लिए वह सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करेगा. ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि अमेरिका ने 18 जून को हुए युद्ध समाप्ति समझौता ज्ञापन का उल्लंघन किया है. मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी रखे हैं, नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है, आर्थिक दबाव बढ़ाया है और लगातार अवैध धमकियां दी हैं.

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