
रिपोर्ट के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट या टेक्निकल डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों की तुलना में एआई टूल्स का अच्छा ज्ञान रखने वाले फ्रेशर्स को शुरुआत पैकेज में 15 से 35 प्रतिशत तक ज्यादा सैलरी मिल सकती है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी पद के लिए शुरुआती पैकेज 4 लाख रुपये सालाना है, तो एआई स्किल रखने वाले उम्मीदवार इस पद में 5.5 लाख रुपये तक पैकेज हासिल कर सकते हैं.

वहीं एआई स्किल्स को लेकर कंपनियों का मानना है कि एआई टूल्स का सही इस्तेमाल करने वाले कर्मचारी कंटेंट तैयार करने, डेटा का विश्लेषण करने, रिपोर्ट बनाने और रोजमर्रा के कार्य संबंधी कई काम कम समय में पूरा कर सकते हैं. इससे काम की क्वालिटी बेहतर होती हैं और समय के साथ संसाधनों की बचत होती हैं. यह कारण है कि कंपनी ऐसे उम्मीदवारों को ज्यादा महत्व दे रही है, जो एआई के साथ काम करने में सक्षम हो.

इसके लिए आप प्रॉन्प्ट इंजीनियरिंग की स्किल सीख सकते हैं. एआई से सही और सटीक जवाब प्राप्त करने के लिए प्रभावी निर्देश लिखने की क्षमता आज सबसे अहम स्किल में शामिल हो गई है. सही प्रॉन्प्ट की मदद से बेहतर कंटेंट, कोड, रिपोर्ट और समाधान तैयार किया जा सकता है.

एआई टूल्स की मदद से बड़े डेटा का एनालिसिस करना, जरूरी जानकारी निकालना, उसके आधार पर निर्णय लेने की क्षमता कई उद्योगों में तेजी से मांग में है.

वहीं आप जेनरेटिव एआई स्किल भी सीख सकते हैं. इसमें प्रेजेंटेशन तैयार करना, इमेज बनाना, कोड जनरेट करना या दूसरे क्रिएटिव काम एआई की मदद से तेजी से पूरे करना अब कई कंपनियाें के काम हिस्सा बन चुका है.

इसके अलावा आप ऑटोमेशन टूल्स भी सीख सकते हैं, इसमें रोजाना के दोहराए जाने वाले कामों को ऑटोमेट करने की समझ रखने वाले उम्मीदवार कंपनियों के साथ ज्यादा उपयोगी साबित हो रहा है. इससे उत्पादकता बढ़ती है और समय की बचत होती है.
Published at : 29 Jul 2026 11:01 AM (IST)



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