ये है दुनिया का सबसे छोटा QR Code! जानिए क्या भविष्य में बदल देगा स्टोरेज की तस्वीर

ये है दुनिया का सबसे छोटा QR Code! जानिए क्या भविष्य में बदल देगा स्टोरेज की तस्वीर


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  • Cerabyte की तकनीक कोल्ड डेटा लंबे समय तक सुरक्षित रखेगी।

Smallest QR Code: डिजिटल दुनिया में अब लोग ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं. इसीलिए अब क्यूआर कोड काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. ऑनलाइन पेमेंट से लेकर किसी प्रोडक्ट की जानकारी के लिए भी अब क्यूआर कोड का इस्तेमाल हो रहा है. इसी बीच वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा QR Code बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है जो स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि ये सीधे तौर पर मौजूदा मेमोरी संकट का समाधान नहीं है

दुनिया का सबसे छोटा QR Code

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 3 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रिया की Vienna University of Technology और जर्मनी की कंपनी Cerabyte के वैज्ञानिकों ने मिलकर ऐसा QR Code तैयार किया है जिसे Guinness World Records ने दुनिया का सबसे छोटा QR Code घोषित किया है.

इस QR Code का साइज लगभग 1.977 वर्ग माइक्रोन है. ये इतना छोटा है कि इसे नॉर्मल कैमरे या QR स्कैनर से पढ़ना संभव नहीं है. इसे देखने और स्कैन करने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है. इसका एक साइड नॉर्मल कागज की मोटाई से लगभग 70 गुना पतला है.

क्या ये टेक्नोलॉजी है मेमोरी संकट का हल

ऐसा नहीं है. ये छोटा QR Code केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है. असली टेक्नोलॉजी Cerabyte की उस स्टोरेज सिस्टम में छिपा है जिसमें लेजर की मदद से कांच पर मौजूद बेहद पतली सिरेमिक परत पर लाखों सूक्ष्म बिंदु उकेरे जाते हैं.

ये टेक्नोलॉजी Write Once यानी एक बार लिखे जाने वाले स्टोरेज सिस्टम पर बेस्ड है. इसलिए इसका इस्तेमाल RAM जैसी तेज और बार-बार बदलने वाली मेमोरी के रूप में नहीं किया जा सकता है.

आम लोगों के लिए कितने बड़े QR Code बेहतर होते हैं?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर किसी पोस्टर, फ्लायर या ऐड में QR Code लगाया जा रहा है तो उसका साइज ऐसा होना चाहिए जिसे स्मार्टफोन आसानी से स्कैन कर सके. विशेषज्ञों के अनुसार QR Code कम से कम एक इंच का होना चाहिए. अगर लोगों को उसे दूर से स्कैन करना है तो दूरी के अनुसार उसका आकार भी बढ़ाना चाहिए ताकि स्कैनिंग में कोई परेशानी न आए.

लंबे समय तक डेटा सुरक्षित रखने में मिलेगी मदद

बता दें कि Cerabyte का दावा है कि ये नई स्टोरेज टेक्नोलॉजी कोल्ड डेटा यानी ऐसे डेटा को सेफ रखने में मदद करेगी जिसे कई सालों तक सुरक्षित रखना जरूरी होता है लेकिन बार-बार एक्सेस नहीं किया जाता है.

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