नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट यूजी परीक्षा का रिजल्ट 16 जुलाई को जारी कर दिया है. वहीं इस बार परीक्षा में 11.21 लाख से ज्यादा उम्मीदवार सफल हुए हैं. अब रिजल्ट आने के बाद बड़ा सवाल यही आ रहा है कि ऑल इंडिया रैंक के आधार पर स्टूडेंट्स को कौन सा मेडिकल कॉलेज मिल सकता है और सरकारी एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना कितनी है. हालांकि अंतिम सीट आवंटन केवल रैंक से तय नहीं होता, बल्कि इसमें कैटेगरी, राज्य कोटा, सीटों की उपलब्धता, काउंसलिंग राउंड और उम्मीदवारों की कॉलेज प्राथमिकताएं भी बड़ी भूमिका निभाती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सरकारी या प्राइवेट किस रैंक पर कौन सा मेडिकल कॉलेज मिल सकता है.
नीट में केवल अंक नहीं ऑल इंडिया रैंक तय करती है कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में एडमिशन केवल अंकों के आधार पर नहीं होते, बल्कि ऑल इंडिया रैंक और दूसरे मानक भी इसमें मायने रखते हैं. काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवार की कैटेगरी, राज्य का डोमिसाइल, आरक्षण नियम, सीट मैट्रिक्स और पसंदीदा कॉलेज की लिस्ट को भी ध्यान में रखा जाता है. यही वजह है कि समान अंक होने के बावजूद अलग-अलग राज्य और कैटेगरी के उम्मीदवारों को अलग-अलग कॉलेज मिल सकते हैं.
किस रैंक पर कौन सा कॉलेज मिलने की उम्मीद
- पिछले वर्षों के काउंसलिंग ट्रेंड के आधार पर उम्मीदवार अपने संभावित कॉलेज का अनुमान लगा सकते हैं, जैसे ऑल इंडिया रैंक 1 से 100 वाले छात्रों को एम्स दिल्ली सहित देश के टॉप एम्स और प्रीमियम सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिलने की बड़ी संभावना है.
- वहीं ऑल इंडिया रैंक 101 से 1000 में एम्स, जेआईपीएमईआर और देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने की अच्छी खासी संभावना रहती है.
- इसके बाद ऑल इंडिया रैंक 1000 से 5000 देश के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस प्रवे की संभावना रहती है.
- ऑल इंडिया रैंक 5000 से 10,000 में भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का अवसर मिल सकता है.
- वहीं ऑल इंडिया रैंक 10,000 से 20,000 में ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोट के माध्यम से सरकारी एमबीबीएस कॉलेज मिलने की संभावना रहती है.
- ऑल इंडिया रैंक 20,000 से 50,000 में भी राज्य कोट के जरिए सरकारी या प्राइवेट कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिल सकती है.
- ऑल इंडिया रैंक 50,000 से 1 लाख आने पर प्राइवेट कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने के बेहतर अवसर रहते हैं.
- ऑल इंडिया रैंक 1 लाख से 1 लाख 50 हजार पर प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस सीट मिल सकती है.
- ऑल इंडिया रैंक 1 लाख 50 हजार से 2 लाख 50 हजार प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस या बीडीएस के ऑप्शन उपलब्ध हो सकते हैं.
- ऑल इंडिया रैंक 2 लाख 50 हजार से ऊपर से प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के अलावा बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस और दूसरे आयुष कोर्स में एडमिशन की संभावना ज्यादा रहती है.
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एमबीबीएस की कुल कितनी सीटों पर मिलेगा एडमिशन
नेशनल मेडिकल काउंसिल के अनुसार 2026 के लिए देश भर में 1,36,939 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध है. इनमें 63,296 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेज में जबकि 73,643 सीटें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में है. इस वर्ष एडमिशन पिछले साल की तुलना में कुल 9,911 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी गई है, जिनमें सरकारी और मेडिकल दोनों इंस्टीट्यूट की सीटें शामिल है. वहीं एमसीसी के माध्यम से 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के अलावा एम्स जेआईपीएमईआर, बीएचयू, एएमयू, ईएसआईसी, केंद्रीय विद्यालय, डीम्ड यूनिवर्सिटी और कुछ बीएससी नर्सिंग इंस्टीट्यूट की सीटों पर भी काउंसलिंग कराई जाएगी. वहीं विशेष सरकारी मेडिकल कॉलेज की 85 प्रतिशत सीटों के लिए अलग राज्यों की काउंसलिंग एजेंसियां प्रक्रिया पूरी करेगी.
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