Cryptocurrency News: क्रिप्टो करेंसी पिछले कई दिनों से काफी चर्चा का विषय बनी हुई है. कई दिनों से इसको रेगुलेट करने की खबरों पर संशय बना हुआ है. हालांकि कुछ दिन पहले ही RBI ने बताया था कि वो क्रिप्टो को लागू नहीं कर रहे हैं. जिसके बाद अब हाल ही में एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें बताया जा रहा है कि सरकार ने क्रिप्टो करेंसी को मंजूरी दे दी है.
क्या है खबर?
दरअसल हाल ही में एक सोशल मीडिया पेज पर क्रिप्टो इंडिया के नाम से एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क फोटो लगा है. इस खबर में लिखा है कि वित्त मंत्रालय ने RBI और SEBI दोनों को मिलकर क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि अब खुद सरकार की तरफ से इस खबर की सच्चाई सामने आई है.
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क्या है वायरल दावे की सच्चाई?
सरकारी एजेंसी PIB फैक्ट चेक के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस खबर का स्क्रीशॉट शेयर किया गया है, जिस पर साफ शब्दों में लिखा है FAKE. इसके साथ कैप्शन में लिखा गया है, ‘फेक न्यूज़ अलर्ट! सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से क्रिप्टो को रेगुलेट करने पर विचार करने के लिए कहा है.’
⚠️Fake News Alert!
🚨A social media post claims that the Ministry of Finance has asked the Reserve Bank of India (RBI) and Securities & Exchange Board of India (SEBI) to consider regulating crypto.#PIBFactCheck:
❌ This claim is #Fake.
✅ India does not recognise crypto as… pic.twitter.com/yEbCWkG2lQ
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 15, 2026
पोस्ट में आगे लिखा गया है, ‘पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक ये दावा फेक है. भारत क्रिप्टो को एसेट (संपत्ति) नहीं मानता है. वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. हमेशा वेरिफाइड जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. भारत सरकार से जुड़े संदिग्ध कंटेंट को रोकने में PIB FactCheck की मदद करें.
RBI ने जारी किया था बयान
बता दें कि कुछ दिन पहले ही RBI ने एक संसदीय समिति को बताया था कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं. उन्होंने आगे ये भी गुहार लगाई थी कि देश में ऐसी एसेट्स को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए. इसके जरिए RBI ने खुद ही क्रिप्टो या किसी भी वर्चुअल करेंसी का विरोध किया है. तो ऐसे में सरकार के द्वारा ऐसा कोई आदेश दिया जाना ही अपने आप में सवालिया निशान खड़े करता है.
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