अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है. ईरान ने हाल ही में अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को सुपर्द-ए-खाक किया है. खामेनेई के अंतिम संस्कार में इराक भी शामिल हुआ था, लेकिन अब वह अमेरिका के साथ दोस्ताना अंदाज में खड़ा हो गया है. इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. उनकी यह मीटिंग काफी चर्चा में है.
खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ लाया गया था. नजफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित आधिकारिक समारोह में प्रधानमंत्री अल-जैदी समेत इराकी सरकार के अधिकारियों और धार्मिक नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की थी, लेकिन अब अल-जैदी की ट्रंप से मुलाकात ने अधिकतर लोगों को चौंका दिया है. इस मीटिंग के बाद सवाल उठ रहा है कि इराक, ईरान का दोस्त है या दुश्मन.
डोनाल्ड ट्रंप ने अल-जैदी से मुलाकात के बाद उनकी तारीफ की. ट्रंप ने कहा कि अल-जैदी ने बहुत ही कम समय में इराक की दिशा बदल दी है. ट्रंप ने दावा किया कि इराक में सत्ता परिवर्तन के दौरान उन्होंने भी अहम भूमिका निभाई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अल-जैदी को एक मजबूत नेता बताया.
अमेरिका-इराक के बीच हो सकता है समझौता
ट्रंप ने यह भी कहा कि इराक के पास विशाल तेल भंडार और आर्थिक क्षमता भी बहुत ज्यादा है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इराक के बीच बड़े तेल निवेश और साझेदारी समझौतों की घोषणा जल्द की जा सकती है. उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच एनर्जी सेक्टर में बनने वाली साझेदारियां सबसे बड़े समझौतों में शामिल हो सकती हैं.
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध भयानक रूप ले चुका है. दोनों ही देश एक-दूसरे के खिलाफ लगातार एक्शन ले रहे हैं. ईरान ने अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को तबाह किया है. दूसरी अमेरिका ने भी कई ईरानी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है.
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