पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आज प्रदर्शन के 30 वे दिन आज प्रदर्शन के 30 वे दिन प्रदर्शनकारियों ने PoK में गायब इंसान और पाकिस्तानी सेना द्वारा लाशों को ग़ायब करने का मुद्दा जम कर उठाया. असल में PoK में 5 जून से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में 59 लोग मारे गए हैं और 218 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं लेकिन मारे गए सिर्फ 3 लोगो की लाशें ही उनके परिवार को मिली है बाक़ी 56 लोगो की लाशें पाकिस्तानी सेना और PoK पुलिस ने अब तक परिजनों को नहीं दी है और इन लाशों का किसी को नहीं पता की इन्हें दफनाया जा चुका है या फिर पोस्टमार्टम हाउस में पड़ी है.
इसी तरह प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 218 लोगो का भी परिजनों के साथ कोई संपर्क नहीं है और अस्पतालों से घायलों को पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा उठाने की तस्वीरें आज एबीपी न्यूज़ के हाथ लगी है जिसमें साफ साफ दिखाई दे रहा है कि 15 जून को रावलकोट में पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग में घायल हुए प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तानी रेंजर्स अपनी गाड़ी में भर कर ले कर जा रहे हैं.
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प्रदर्शन के 30 वें दिन सरदार अमान खान का बयान
आज प्रदर्शन के 30 वें दिन प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक सरदार अमान खान ने कहा की जो नौजवान तुमसे आटा मांगते थे, बिजली मांगते थे उनकी लाशे लापता हैं. ऐसे में हम हमारे नौजवानों की लाशों को कंधे देकर अपने घर जाएंगे. उससे पहले अपने घर नहीं जाएंगे. सरदार अमान खान ने आज PoK में पूरे पाकिस्तानी सिस्टम की पोल खोलते हुए कहा की कहने को तो PoK में अदालत है, संसद है लेकिन PoK की अदालत में बैठने वाले जज भ्रष्ट है और उनके आदेशों की कोई हैसियत नहीं है, इसीलिए PoK में चल रहा ये विद्रोह इस पूरे सिस्टम की तबदीली के लिए है.
PoK की सड़कों पर धरना
PoK में आज भी सड़कों से लेकर धरना स्थल पर लोग पाकिस्तानी हुकूमत को चुनौती दे रहे हैं, इंकलाब के नारे लगा रहे हैं और PoK में पाकिस्तान की गैरकानूनी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के लिए अपने मंसूबों को जाहिर कर रहे हैं. रावलकोट बस स्टैंड पर आज गायब लाशों और गायब लोगों पर अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य मोहम्मद अरबाब ने भी आज पाकिस्तानी सेना की पोल खोलते हुए कहा की जालिमो ने ना ही यहा पर किसी औरत को बख्शा, ना ही किसी बच्ची को बख्शा और ना ही किसी नौजवान को बख्शा,हमे आज तक नहीं पता हमारे कितने लोग घायल हैं, कितने लोग मारे गए, कितने गायब हुए, ये दहशतगर्द हैं जो इंसानियत का कत्लेआम करना चाहते हैं.
पाकिस्तानी हुकूमत और मुनीर की सेना को चेतावनी
मोहम्मद अरबाब ने पाकिस्तानी हुकूमत और मुनीर की सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि फोर्सेज को हटाओ यहां से, कर्फ्यू हटाओ और हमारी डेड बॉडी हमारे हवाले करो, इससे बड़ा हम पर जुल्म क्या है कि आज हमारी डेडबॉडी हमारे पास नहीं हैं, हमारे नौजवान हमारे पास नहीं हैं और तुम हमे आतंकी कहते हो, असली आतंकी तो तुम हो.” PoK में प्रदर्शनकारियों द्वारा पाकिस्तानी हुकूमत को 38 मांगों को मानने के लिए दी गई डेडलाइन आज रात 12 बजे खत्म हो जाएगी और फिर देखना होगा की 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी 46 लाख PoK की जनता आगे क्या कदम बढ़ाती है.
मारे गए प्रदर्शनकारियों के शव गायब करती है सेना
PoK पहली ऐसी जगह नहीं है जहां पर पाकिस्तानी सेना मारे गए प्रदर्शनकारियों के शव गायब कर चुकी है या फिर लोगो को गायब करके बिना किसी FIR अपने पास रख चुकी है. बलूचिस्तान में पिछले 10 साल में 28 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के शवों को ग़ायब करने का आरोप पाकिस्तानी सेना पर है, ख़ैबर पख्तून ख्वाह में 13 हजार, साथ ही पिछले मुर्दिके में टीएलपी के प्रदर्शनकारियों के 217 शवों को पाकिस्तानी सेना ने मार कर गायब कर दिया था और 2022 से लेकर 2024 तक पीटीआई के 49 कार्यकर्ताओ के शवों को पाकिस्तानी सेना पर ग़ायब करने का आरोप है जिन्हें विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना ने मारा था.
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