अफगानिस्तान ने बगराम एयरबेस पर नियंत्रण करने वाले बयान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा है. तालिबान सरकार में सूचना और संस्कृति मंत्री मुहाजिर फराही ने कहा कि बगराम एयरबेस अमेरिका की पहुंच से बहुत दूर है. उन्होंने पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान पर किए गए हमले की निंदा की. उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान किसी भी बाहरी हमले के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा.
पाकिस्तान पर बरसा तालिबान
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर उन्होंने कहा, ‘इस्लामाबाद की सैन्य सरकार को करारा जवाब दिया जाएगा. हम किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे.’ तालिबान सरकार ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में 38 नागरिक मारे गए और महिलाओं और बच्चों सहित 163 लोग घायल हुए. भारत ने इन हमलों को खुली आक्रामकता और क्षेत्रीय शांति के लिए सीधा खतरा करार दिया.
भारत के साथ रिश्तों पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति केवल उसके अपने देश के हितों पर चलेगी, किसी दूसरे देश की पसंद-नापसंद पर नहीं. उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ हमारे पुराने और ऐतिहासित रिश्ते हैं. हमें कोई यह नहीं सिखा सकता कि हमें किससे दोस्ती करनी चाहिए और किससे नहीं. हम चाहते हैं कि दोनों देशों के आम लोगों के बीच मिलना-जुलना बढ़े और व्यापार मजबूत हो, क्योंकि भारत हमारा पड़ोसी है.’
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के साथ हमारी सीमा चौकियां बार-बार बंद रही हैं, इसलिए हमने मध्य एशिया, ईरान, भारत और चीन के रास्ते नए ट्रेड कॉरिडोर विकसित किए हैं. हम इन रास्तों को मजबूत कर रहे हैं और अब पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहेंगे.’
बगराम एयरबेस को लेकर ट्रंप पर भड़का तालिबान
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में मुहाजिर फराही ने कहा कि ट्रंप को बगराम एयरबेस केवल सपनों में ही मिलेगा. यह एयरबेस काबुल के उत्तर में स्थित है, जिसे सोवियत संघ ने बनवाया था. 11 सितंबर, 2001 के हमले के बाद बगराम एयरबेस अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के मुख्य केंद्र के रूप में काम करता था. यूएस आर्मी की वापसी के बाद अगस्त 2021 में यह बेस तालिबान के कब्जे में आ गया. ट्रंप ने कई बार ये कहा है कि यह एयरबेस चीन के पास स्थित है और इसलिए अमेरिका को बगराम एयरबेस को अपने पास रखना चाहिए था.



.jpg)

